जिला महामंत्री संजुक्ता सिंह ने साधा निशाना, बोली – सुशासन तिहार बना प्रचार का माध्यम

रायगढ़। कांग्रेस की जिला महामंत्री संजुक्ता सिंह ने प्रदेश में आयोजित किए जा रहे सुशासन तिहार को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान के बजाय सरकार की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार का माध्यम बनकर रह गया है।

संजुक्ता सिंह ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार गांवों में चौपाल और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर सुशासन का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल, सड़क, आवास, रोजगार और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

उन्होंने कमरौद गांव का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में एक महिला ने शिकायत की थी कि उसे महतारी वंदन योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका, जो सरकार के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर को दर्शाता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। अनेक गांवों में हैंडपंप खराब पड़े हैं और नल-जल योजनाएं ठप हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।

संजुक्ता सिंह ने पंचायतों की स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसके चलते सड़क, नाली, पुलिया और सामुदायिक भवन जैसे कई जरूरी निर्माण कार्य अधूरे पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी, आंगनबाड़ी केंद्रों में संसाधनों का अभाव और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

उन्होंने मांग की कि सरकार केवल प्रचार तक सीमित रहने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

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