जिले में पहली बार दुर्लभ नाडीपेथी गौशाला की मिनिएचर नस्ल की गाय पहुंची ग्राम देवरी
इसी गौशाला से देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री को गौमाता भेजे गए हैं
बेमेतरा =ग्राम देवरी के किसान अरुण दुबे ने आंध्र प्रदेश के डा के राजू के गौशाला से एक नर और एक मादा बछड़ा मंगाकर अपने फार्म हाउस पर रखा है। इसके साथ ही दुबे जिले में इस नस्ल को पालने वाले पहले किसान बन गए हैं।
दोनों बछड़ों की उम्र 15 से 18 माह के बीच है। यह दुनिया की सबसे छोटी गाय की नस्लों में गिना जाता है। वयस्क गाय की ऊंचाई 70-90 सेमी और वजन 115-200 किलो तक होता है।
*8% फैट वाला दूध, बालाजी को चढ़ता है भोग*
इस गाय का दूध बेहद गाढ़ा होता है। इसमें 8% तक फैट मिलता है। यह नस्ल रोज 2 से 3 लीटर तक दूध देती है। तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर को इसी गाय के दूध का भोग लगता है। शांत स्वभाव और कम चारे में पलने के कारण इसे पालना आसान है। गौशाला इस गाय की कीमत 1 से 15 लाख रुपये तक है।
किसान अरुण दुबे ने बताया कि नस्ल संरक्षण और औषधीय गुणों वाले दूध के लिए वे ये बछड़े लाए हैं। पशुपालन विभाग के मुताबिक, गर्म जलवायु के अनुकूल यह नस्ल जिले के किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
*अच्छी शुरुआत*
बेमेतरा जिले में इस नस्ल के बछड़ों को पालने वाले दुबे पहले किसान है, वे जिले के किसानों के लिए प्रेरक हैं, उन्नत नस्ल के गाय पालन को प्रोत्साहन मिलेगा यह अच्छी शुरुआत है।
डा राजू के अनुसार इसी गौशाला से देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री भवन को गौमाता भेजे गये है
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