जिले में भूमाफिया सक्रिय, फर्जी रजिस्ट्री का मामला बेमेतरा जिले के ग्राम – गुनरबोड़ में फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा

दिनेश दुबे
आप की आवाज

  • राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में हेराफेरी कर रजिस्ट्री कराने का मामला*
    राजस्व विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी रजिस्ट्री
    बेमेतरा—– जिले के ग्राम – गुनरबोड़ से एक बड़ा फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। जिसमें फर्जी तरीक़े से राजस्व विभाग के कर्मचारी, अधिकारी, पटवारी विक्रेता और क्रेता ने मिलकर राजस्व विभाग के दस्तावेज में फेरबदल कर फर्जी रजिस्ट्री कराई है।

ज्ञात हो कि बेमेतरा जिला मुख्यालय से लगे ग्राम गुनरबोड़ पटवारी हल्का नंबर 49 खसरा नंबर 440 रकबा 1.08 हेक्टेयर को 1.28 हेक्टेयर बता कर फर्जी रजिस्ट्री कराने का खुलासा हुआ है। इस मामले की शिकायत पुलिस से भी की गई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दस्तावेज में राजस्व विभाग के रिकार्ड में हेराफेरी कर रजिस्ट्री कराने की जानकारी उक्त भूमि की बिक्री नकल पंजीयन कार्यालय से निकाले जाने पर मिली।
आरोप है कि इस मामले में .20 हेक्टेयर ज्यादा की रजिस्ट्री दस्तावेज में कूटरचित गड़बड़ी कर की गई है। यह रजिस्ट्री बेमेतरा उप पंजीयक कार्यालय में 17 जुलाई 2002 को हुई थी। जमीन विक्रेता जगदीश प्रसाद कुर्मीपारा बेमेतरा व खरीददार जय प्रकाश जाट गुनरबोड़ है। जिसका बाजार भाव 1 लाख 09 हजार रुपए के हिसाब से रजिस्ट्री हुई है।

सूत्रों से जानकारी के अनुसार, राजस्व सर्वेक्षण रिपोर्ट व वर्तमान रिकार्ड में 1.08 हेक्टेयर भूमि है। जबकि रजिस्ट्री 1.28 हेक्टेयर की हुई है। इस आधार पर दूसरे नाम की लगभग आधा एकड़ भूमि को अन्य के द्वारा बेच दिए जाने से खरीददार की पत्नी सुमित्रा जाट ने उस भूमि पर कब्जा कर लिया है। जिसके चलते आए दिन वाद विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है।यदि इस मामले की जांच हुई तो पटवारी, उपपंजीयक, तहसीलदार पर कार्रवाई हो सकती है। साथ ही फर्जी रजिस्ट्री रद्द भी हो सकती है। ज्ञात हुआ है कि जांच यदि ईमानदारी से हुई तो सच्चाई सामने आ सकती है लेकिन संबंधित जांच दल को गुमराह करने की साजिश करने का प्रयास किया जा रहा है। 
भूमाफिया हैं सक्रिय –
बेमेतरा में अरसे से भूमाफिया सक्रिय होकर राजस्व विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों से मिलीभगत कर लगातार गड़बड़ी कर रहे हैं। अवैध प्लाटिंग की शिकायत के चलते कुछ दिनों पूर्व कार्रवाई करते हुए रोक भी लगाई गई थी, जिला बनने के उपरांत जिला मुख्यालय व आसपास के गांव के जमीन के दाम अनाप शनाप बढ़े हैं। भू माफिया के सक्रिय होने व किए जा रहे हैं अपराधिक कृत्य का जीता जागता उदाहरण है। आम नागरिकों को भू माफिया के चुंगल से बचाने के लिए इस प्रकरण पर इमानदारी से जांच कर दोषी भूमाफिया व अधिकारियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बेमेतरा से उपरोक्त फर्जी रजिस्ट्री के संबंध में जानकारी लेने पर:
उन्होंने बताया कि फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण की शिकायत मिली है। मामला बहुत बड़ा व गंभीर प्रवृत्ति का है। तत्कालीन पटवारी की मौत हो चुकी है । जमीन खरीदने और बेचने वाले दोनों दोषी है, यहां क्रिमिनल का केस बनता है। जांच के उपरांत नियम के तहत कारवाई की जावेगी।
दुर्गेश वर्मा,
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)बेमेतरा 

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