जॉर्डन का सीरिया पर हवाई हमला, चर्च हमले का बदला लेने का दावा; कई आतंकियों के मारे जाने की खबर

अंतरराष्ट्रीय डेस्क। जॉर्डन ने पड़ोसी देश सीरिया के दक्षिणी हिस्से में हवाई हमले किए हैं। जॉर्डन की सेना के अनुसार, यह कार्रवाई जॉर्डन के कराक क्षेत्र में एक चर्च में हुए घातक हमले के जवाब में की गई। सेना ने दावा किया कि हमलों में कथित आतंकवादी समूहों के कई सदस्य मारे गए और घायल हुए हैं। हालांकि, सीरियाई अधिकारियों ने इन हमलों में आम नागरिकों की मौत होने की जानकारी दी है।

चर्च पर हमले में 9 लोगों की हुई थी मौत

रिपोर्टों के अनुसार, 23 अक्टूबर को जॉर्डन के कराक क्षेत्र के हम्मूद गांव स्थित ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान बंदूकधारियों ने गोलीबारी की थी। इस घटना में नौ लोगों की मौत हुई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे।

घटना के बाद जॉर्डन में शोक की घोषणा की गई थी। राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था।

जॉर्डन की सेना ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

जॉर्डन की सेना ने कहा कि जांच में चर्च हमले के आरोपियों के दक्षिणी सीरिया में सक्रिय आतंकवादी समूहों से संबंध सामने आए। इसके बाद सीरिया के दक्षिणी हिस्से में कथित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए।

सेना के मुताबिक, कार्रवाई में कई संदिग्ध आतंकवादी मारे गए या घायल हुए और उनके कई वाहन नष्ट किए गए। हालांकि, जॉर्डन ने मारे गए आतंकियों की सटीक संख्या और हमलों के सभी ठिकानों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया।

सीरिया ने नागरिकों की मौत का आरोप लगाया

सीरियाई अधिकारियों के अनुसार, जॉर्डन के हवाई हमलों में दराआ और सुवेदा प्रांतों में नागरिकों की मौत हुई। सीरियाई नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने कम से कम सात लोगों के शव बरामद होने की जानकारी दी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

सीरिया सरकार ने कहा कि हमले से पहले उसके साथ समन्वय या सूचना साझा नहीं की गई थी। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू करने की बात कही है। हमलों के बाद सीरिया ने जॉर्डन से लगने वाली नसीब सीमा चौकी पर यातायात भी बंद कर दिया।

चर्च हमले के तीन संदिग्ध गिरफ्तार

जॉर्डन के अधिकारियों ने चर्च हमले के सिलसिले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ हुई और तीनों संदिग्ध घायल हो गए। हालांकि, हमले के पीछे किसी संगठित संगठन की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जॉर्डन की सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच सुरक्षा समन्वय और सीमा क्षेत्र की स्थिति को लेकर तनाव बढ़ने की आशंका है। फिलहाल हमलों में नागरिकों की मौत और आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के दावों को लेकर दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं।

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