डेढ़ साल तक किश्‍तों में ठगाता रहा, जब 27 लाख रुपए लुट चुके तो होश आया, चौंकाने वाली घटना

Money Fraud: रायपुर के सुरक्षा प्रभारी से 27 लाख 285 रुपये की आनलाइन ठगी हुई है। शातिर ठगों ने शिकायतकर्ता की एक पालिसी की मैच्योरिटी दिलवाने के नाम पर ठगी की। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

Money Fraud: अगर आप भी किसी तरह की बचत योजना में पैसा निवेश करते हैं तो यह खबर आपके काम की है। आपको धोखेबाजों से सावधान रहने की बहुत ज़रूरत है। ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक शख्‍स 27 लाख रुपए लुटा गया। बहुत बाद में उसे ठगे जाने का अहसास हुआ। मामला भिलाई का है। आरोपितों ने मैच्योरिटी की राशि से ज्यादा रुपये दिलवाने का दावा कर के शिकायतकर्ता को झांसे में लिया था। इसके बाद जनवरी 2021 से लेकर जून 2022 तक उससे रुपये ठगते रहे। डेढ़ साल में 27 लाख रुपये लुटा देने के बाद शिकायतकर्ता को यह समझ आया कि उसके साथ ठगी हुई है। तब उसने आरोपितों को रुपये देना बंद किया और उसके छह महीने बाद थाना में शिकायत की।

यह है पूरा केस
बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी उरला रायपुर के सुरक्षा प्रभारी से 27 लाख 285 रुपये की आनलाइन ठगी हुई है। शातिर ठगों ने शिकायतकर्ता की एक पालिसी की मैच्योरिटी दिलवाने के नाम पर ठगी की। घटना की शिकायत पर भिलाई नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी कर जांच शुरू की है। पुलिस ने बताया कि एचएससीएल कालोनी रूआबांधा निवासी संजय कुमार सिंह से ठगी की घटना हुई है। शिकायतकर्ता के पास 12 जनवरी 2021 पहली बार फोन आया था। फोन पर बात करने वाले आरोपितों ने शिकायतकर्ता से पूछा था कि उसने कोई पालिसी ली है या नहीं। शिकायतकर्ता ने अपने पालिसी के बारे में बताया तो आरोपित ने 35 हजार रुपये की पालिसी की 65 हजार रुपये के स्थान पर 84 हजार रुपये मैच्योरिटी के रूप में दिलवाने का झांसा दिया। आरोपित ने अर्चना त्यागी नाम की महिला का नंबर दिया और उससे बात करने के लिए बोला।

शिकायतकर्ता ने उस नंबर पर फोन किया तो महिला ने मैच्योरिटी की राशि प्राप्त करने के लिए 10 हजार 190 रुपये जमा करने के लिए बोला। उसने यह भी कहा कि इस राशि में से सिर्फ 100 रुपये कटेंगे। बाकि के रुपये उसकी मैच्योरिटी की राशि में जुड़कर आ जाएंगे। इस पर शिकायतकर्ता ने 13 जनवरी 2021 को पहली बाल 10 हजार 190 रुपये जमा किया। रुपये जमा करने के तीन दिन बाद 16 जनवरी 2021 को शिकायतकर्ता के मोबाइल एक अन्य नंबर से फोन आया। फोन पर बात कर रहे व्यक्ति ने अपना नाम अंकित डागर बताया और बोला कि अर्चना त्यागी ने उसके पालिसी की फाइल भेजी है।

लेकिन, बैंक खाता अपडेट न होने के कारण मैच्योरिटी की राशि नहीं भेजी जा सकी है। खाता अपडेट करने के नाम पर उसने 15 हजार 765 रुपये जमा करने के लिए बोला। उसने यह भी बोला कि खाता अपडेट करने का 500 रुपये कटेंगे और बाकि के रुपये मैच्योरिटी की राशि के साथ वापस मिल जाएंगे। इस बार भी शिकायतकर्ता ने रुपये जमा कर दिए। उसके बाद लगातार अलग अलग नंबरों से शिकायतकर्ता के पास फोन आया और कुछ न कुछ कारण बताकर उससे रुपये मांगते रहे।

शिकायतकर्ता भी उनके झांसे में आकर रुपये जमा करता गया। शिकायतकर्ता ने कुल 27 लाख 285 रुपये जमा किए। इसके बाद आरोपितों ने और रुपये मांगे तो शिकायतकर्ता ने इन्कार करते हुए अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपितों ने उसके खिलाफ ही थाना में शिकायत करने की धमकी दे दी। दिसंबर में उसे लगा कि उसके साथ छल हुआ है। तब उसने पुलिस से शिकायत की। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी की है।

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