धौराभांठा स्कूल में करियर काउंसलिंग: जेपीएल के सीईओ ओमप्रकाश बोले—सफलता के लिए पारंपरिक पढ़ाई से हटकर कुछ नया करने की ललक जरूरी

रायगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल धौराभांठा में मंगलवार को एक विशेष करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जेपीएल माइंस के सीईओ और प्रेसिडेंट ओमप्रकाश ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल रूटीन की पढ़ाई करने से छात्र एक एवरेज स्टूडेंट बनकर रह जाते हैं। जीवन में बड़ी सफलता हासिल करने के लिए पारंपरिक पढ़ाई या सामान्य कार्यों से हटकर कुछ नया करने की सोच और आगे क्या की भूख होना बेहद जरूरी है, क्योंकि जब तक यह ललक नहीं होगी, तब तक कोई भी व्यक्ति ऊंचाइयों को नहीं छू सकता।

प्राइवेट सेक्टर और बिजनेस में अपार संभावनाएं

विद्यार्थियों से संवाद करते हुए सीईओ ओमप्रकाश ने कहा कि हर युवा की पहली पसंद सरकारी नौकरी होती है, लेकिन यह सभी के लिए संभव नहीं है और सरकारी क्षेत्र में सीमाएं भी सीमित होती हैं। उन्होंने बताया कि प्राइवेट सेक्टर में पढ़े-लिखे युवाओं के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है, जहां टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को तेजी से अपनाया जाता है। उन्होंने केवल नौकरी तक सीमित न रहकर बिजनेस को भी प्राथमिकता देने की बात कही और युवाओं को मैनेजमेंट के गुर सीखने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य एसआर डनसेना, उपसरपंच यशपाल बेहरा, शालेय शिक्षण समिति के अध्यक्ष विवेक बेहरा, सीएसआर के एजीएम राजेश रावत और प्रफुल्ल सत्पथी समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

लक्ष्य की स्पष्टता और पैशन के साथ करियर चुनाव

विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने कहा कि बारहवीं कक्षा के बाद क्या करना है, इसका निर्णय पहले ही कर लेना चाहिए क्योंकि आज के प्रतिस्पर्धा भरे दौर में करियर को लेकर क्लैरिटी होना बहुत जरूरी है। जागरूकता के अभाव में युवा अक्सर उलझ जाते हैं। उन्होंने छात्रों को अपने पैशन और इंटरेस्ट के आधार पर ही करियर चुनने की सलाह दी और अपने संघर्ष के दिनों का उदाहरण देते हुए उन्हें प्रेरित किया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर आर्ट्स विषय तक पर चर्चा

कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते महत्व पर बात करते हुए उन्होंने समझाया कि कैसे एआई यूजर की पसंद और सर्च को समझकर काम करता है। इसके साथ ही उन्होंने कला (आर्ट्स) विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में असीमित संभावनाएं हैं। उन्होंने छात्रों से बड़े सपने देखने की बात कहते हुए कहा कि सपने ऐसे हों जिन पर परिवार को भी एक बार विश्वास न हो और पड़ोसी हंसें, फिर अपनी मेहनत से उन्हें सच कर के ऐसे लोगों को जवाब दें। उन्होंने बताया कि आईएएस-आईपीएस जैसे पदों के अलावा लेखक, एंकर, स्क्रिप्ट राइटर और कहानीकार जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में भी साहित्य की पकड़ के साथ शानदार करियर बनाया जा सकता है।

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