बिगड़े काम बना देती है शनिदेव की ये आरती, हर शनिवार को जरूर करें
कहा जाता है कि किसी की कुंडली में अगर शनि दोष (Shani Dosha
ये है शनिदेव की आरती
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी
क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी
मोदक मिष्ठान पान चढ़त है सुपारी लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी
शनिवार का व्रत रखते हैं तो करें ये आरती
आरती कीजै नरसिंह कुंवर की वेद विमल यश गाऊं मेरे प्रभुजी
पहली आरती प्रहलाद उबारे हिरणाकुश नख उदर विदारे
दूसरी आरती वामन सेवा बलि के द्वार पधारे हरि देवा
तीसरी आरती ब्रह्म पधारे सहसबाहु के भुजा उखारे
चौथी आरती असुर संहारे भक्त विभीषण लंक पधारे
पांचवीं आरती कंस पछारे गोपी ग्वाल सखा प्रतिपाले
तुलसी को पत्र कंठ मणि हीरा हरषि-निरखि गावें दास कबीरा
इन कामों से भी शनि होते प्रसन्न
– हर शनिवार हनुमान जी का पूजन करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है.
– शनिवार के दिन पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि से संबन्धित कष्ट दूर होते हैं.
– महादेव को शनि अपना गुरु मानते हैं और श्रीकृष्ण को आराध्य मानते हैं. शनिवार के दिन महादेव और श्रीकृष्ण की पूजा करने से भी शनि प्रसन्न होते हैं. महामृत्युंजय मंत्र शनि के प्रभावों को दूर करने में काफी उपयोगी है.
– काले कुत्ते या किसी भी कुत्ते को शनिवार के दिन सरसों का तेल लगी रोटी खिलाने से शनि की कृपा मिलती है.
– जरूरतमंदों की सेवा करने, शनिवार के दिन काले तिल, सरसों का तेल, काले वस्त्र आदि दान करने से भी शनि से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं.
–शनिवार के दिन शनि मंत्रों का जाप भी शनिदेव के प्रकोप से बचाता है और उनकी कृपा का पात्र बनाता है. ये हैं शनि मंत्र –
1. ॐ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात
2. ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम




