बिलासपुर : ट्रेन से गांजा लाकर खपाने की तैयारी, 13 किलो नशे के साथ महिला समेत 4 गिरफ्तार
बिलासपुर। जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच मस्तूरी क्षेत्र में पुलिस ने एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 13 किलो गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। प्रारंभिक जांच में गांजे की खेप ओडिशा के बलांगीर से लाए जाने की बात सामने आई है।
जयरामनगर में संदिग्ध हालत में खड़े थे चार लोग
मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र के जयरामनगर रेलवे फाटक के पास का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि ओवरब्रिज के नीचे कुछ लोग बैग और थैलों में गांजा लेकर मौजूद हैं और सीपत जाने के लिए साधन का इंतजार कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर एसीसीयू की टीम ने मौके पर पहुंचकर निगरानी शुरू की और संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
बैगों की तलाशी में मिली नशे की खेप
पकड़े गए लोगों के सामान की जांच की गई तो उनके पास से कुल 13 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा जब्त करने के साथ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश सिसोदिया (21), उसकी पत्नी पूर्वा मालिया (20), कृष्णा पांडेय (23) और नीरज नायक (19) के रूप में हुई है। आकाश, पूर्वा और कृष्णा बिलासपुर क्षेत्र के मटियारी के निवासी बताए गए हैं, जबकि नीरज नायक मध्यप्रदेश के उमरिया जिले का रहने वाला है।
ओडिशा से खरीदकर लाए थे गांजा
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने गांजा ओडिशा के बलांगीर जिले से खरीदा था। इसे बिलासपुर जिले के मटियारी, सीपत और आसपास के क्षेत्रों में बेचने की तैयारी थी।
पुलिस को आशंका है कि आरोपी गांजे की यह खेप ट्रेन के जरिए ओडिशा से बिलासपुर लेकर पहुंचे थे। इसके बाद जयरामनगर से आगे इसे सड़क मार्ग से ले जाने की तैयारी थी।
सप्लायर और खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि गांजा किस व्यक्ति से खरीदा गया था और स्थानीय स्तर पर इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।
पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसीसीयू टीम ने की कार्रवाई
नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के दौरान टीम में प्रधान आरक्षक प्रमोद सिंह तथा आरक्षक मुकेश शर्मा, प्रेम सूर्यवंशी, रवि यादव, रमेश यादव और धीरेन्द्र तोमर शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री से जुड़े नेटवर्क के संबंध में जांच आगे भी जारी रहेगी।












