भारतीय सीमा में घुसे बांग्लादेशी, चाय बागान से भारतीय किसान का अपहरण; सीमा क्षेत्र में तनाव
जलपाईगुड़ी, 10 अगस्त 2026। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक भारतीय चाय किसान के कथित अपहरण से तनाव की स्थिति बन गई है। आरोप है कि बांग्लादेशी नागरिकों का एक समूह भारतीय सीमा में घुसा और चाय बागान में काम कर रहे 35 वर्षीय किसान दीपांकर गोप को जबरन अपने साथ बांग्लादेश ले गया।
चाय बागान में अकेले काम कर रहे थे किसान
घटना राजगंज ब्लॉक के कुकुरजान इलाके के तसरपाड़ा क्षेत्र की बताई जा रही है। दीपांकर गोप शनिवार को सीमा के बेहद करीब स्थित अपने करीब छह बीघा के चाय बागान में कीटनाशक का छिड़काव करने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर बांग्लादेश की ओर से आए लोगों ने उन्हें घेर लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, समूह में कम से कम 15 और कुछ स्थानीय स्रोतों के अनुसार करीब 20 लोग शामिल थे।
बताया गया है कि आरोपियों ने किसान को जबरन अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले की ओर ले गए। घटना के बाद सीमावर्ती गांवों में चिंता का माहौल है।
घुसपैठ की कोशिश के बाद बदले की आशंका
स्थानीय लोगों और परिवार का दावा है कि यह घटना कुछ दिन पहले हुई एक घुसपैठ की कोशिश से जुड़ी हो सकती है। 6 अगस्त को चौलहाटी सीमा के पास एक बांग्लादेशी नागरिक द्वारा कथित रूप से तारबंदी काटकर भारत में प्रवेश करने की कोशिश की गई थी। BSF और स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था।
परिवार और स्थानीय लोगों को आशंका है कि इसी कार्रवाई के बदले में दीपांकर को निशाना बनाया गया। हालांकि, इस कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
BSF ने BGB के साथ की फ्लैग मीटिंग
किसान के अपहरण की सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) सक्रिय हुआ। भारतीय और बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा बलों के बीच फ्लैग मीटिंग भी हुई, लेकिन तत्काल किसान की वापसी नहीं हो सकी। BSF बांग्लादेशी अधिकारियों के संपर्क में है और उसकी सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं।
कुछ वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिनमें कथित तौर पर किसान को तब तक नहीं छोड़ने की बात कही गई है, जब तक भारत में पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक को रिहा नहीं किया जाता। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सीमा पर रहने वाले किसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता
घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई किसान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित खेतों और चाय बागानों में रोजाना काम करते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग उठ रही है।
फिलहाल BSF और संबंधित एजेंसियां मामले पर नजर बनाए हुए हैं। किसान की सुरक्षित वापसी के लिए दोनों देशों के सीमा सुरक्षा अधिकारियों के बीच संपर्क जारी है।



