रायगढ़ : किरोड़ीमल धर्मादा न्यास की जमीन पर काबिज लोगों के दस्तावेजों की जांच, समिति ने किया सत्यापन

रायगढ़, 9 अक्टूबर 2026। किरोड़ीमल नगर के ग्राम कोकड़ीतराई स्थित सेठ किरोड़ीमल धर्मादा न्यास की जमीन पर काबिज लोगों के आधिपत्य से जुड़े दस्तावेजों की उच्च स्तरीय जांच समिति ने जांच की। शुक्रवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के दौरान संबंधित लोगों के मूल दस्तावेजों का राजस्व अभिलेखों से मिलान किया गया। समिति ने सभी संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया।

मूल दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान

अपर जिला दंडाधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो की अध्यक्षता में गठित समिति ने सुबह 11 बजे से दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान भूमि पर आधिपत्य के आधार, कब्जे की अवधि और किराया भुगतान से संबंधित तथ्यों की जांच की गई।

संबंधित व्यक्तियों से भूमि की रजिस्ट्री, किरायानामा, विक्रय रसीद, किराया भुगतान की रसीद, संपत्ति कर की रसीद, बिजली बिल और पहचान पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया। मूल दस्तावेजों से मिलान के बाद उनकी स्वप्रमाणित प्रतियां जांच से संबंधित अभिलेखों में शामिल की गईं।

समिति ने दस्तावेजों का संबंधित खसरा नंबर, काबिज रकबे और स्थल जांच प्रतिवेदन में दर्ज विवरण से भी मिलान किया।

जांच में राजस्व विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद

सत्यापन प्रक्रिया में समिति के सदस्य एवं नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी चंद्रपाल सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार हरनंदन बंजारे उपस्थित रहे।

संयुक्त राजस्व जांच दल के राजस्व निरीक्षक और संबंधित हल्का पटवारी भी मूल जांच प्रतिवेदन, सीमांकन पंचनामा, भूमि के अभिन्यास तथा अन्य राजस्व अभिलेखों के साथ मौजूद थे। सूचना पत्र में शामिल सभी संबंधित व्यक्ति निर्धारित समय पर उपस्थित हुए।

किराया किसे दिया जाता था, इसकी भी जांच

समिति ने संबंधित व्यक्तियों से पूछा कि वे जमीन पर कब से काबिज हैं, उन्हें भूमि किस आधार पर मिली और वे किराया किसे देते थे। इस दौरान उनके बयान दर्ज किए गए और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की गई।

गोपाल ट्रेडिंग कंपनी को किराया देने की बात कहने वाले लोगों से भी संबंधित रसीदें और अन्य विवरण लिए गए। इन तथ्यों का सत्यापन राजस्व और न्यास के अभिलेखों से किया जाएगा।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

अपर जिला दंडाधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि प्रशासन ने संबंधित लोगों को पूर्व सूचना देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। जांच का उद्देश्य न्यास की धर्मार्थ भूमि को सुरक्षित रखना और उसके नाम पर आम नागरिकों से अनधिकृत किराया वसूली जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है।

प्रशासन के अनुसार, लंबे समय से रह रहे परिवारों, छोटे दुकानदारों और ठेला व्यवसायियों के पक्ष को भी सुनते हुए अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

समिति प्रस्तुत दस्तावेजों का राजस्व रिकॉर्ड और न्यास के अभिलेखों से विस्तृत मिलान कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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