रायगढ़: खड़गे के बयान पर भाजपा को घेरते हुए संजय देवांगन ने पूछा—रोजगार, महंगाई और एसआईआर पर कब देगी जवाब?

रायगढ़। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को लेकर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रवक्ता संजय देवांगन ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को राजनीतिक मर्यादा की चिंता विपक्ष के नेताओं के बयान पर ही क्यों होती है? रोजगार, महंगाई, काला धन और चुनावी वादों जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

संजय देवांगन ने कहा कि खड़गे के बयान के एक हिस्से को लेकर भाजपा के नेता लगातार विरोध जता रहे हैं। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में भी इसे मुद्दा बनाया जा रहा है। कांग्रेस का मत है कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार भाषा का पालन सभी को करना चाहिए, लेकिन यह नियम सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

रोजगार के वादे पर मांगा हिसाब

कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे का उल्लेख करते हुए पूछा कि सरकार इस पर क्या जवाब देगी। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं की समस्याओं पर सरकार को स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव के समय किए गए वादे केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम हैं या उन्हें पूरा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है?

काला धन, 15 लाख रुपये और महंगाई पर उठाए सवाल

संजय देवांगन ने काला धन वापस लाने और प्रत्येक नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये पहुंचाने से जुड़े चुनावी वादों पर भी भाजपा से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण आम परिवारों को रसोई गैस, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है।

उन्होंने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनके मुताबिक, चुनावी भाषणों में राहत की बात करना आसान है, लेकिन आम परिवारों के बजट पर बढ़ते खर्च का असर भी समझना जरूरी है।

प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओं की टिप्पणियों का भी किया उल्लेख

कांग्रेस नेता ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा नेताओं की राजनीतिक टिप्पणियां भी सार्वजनिक बहस का हिस्सा रही हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं की ओर से की जाने वाली टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि राजनीतिक मर्यादा के नियम सभी पर समान रूप से क्यों लागू नहीं होने चाहिए।

संजय देवांगन ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग मापदंड नहीं होने चाहिए। लोकतंत्र में जवाबदेही सभी की है और किसी भी पक्ष को सवालों से परे नहीं माना जा सकता।

एसआईआर और मतदाता सूची की पारदर्शिता पर जोर

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का मुद्दा उठाते हुए संजय देवांगन ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल रहना और हर योग्य मतदाता को अपने मताधिकार का अवसर मिलना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। नागरिकों को पर्याप्त जानकारी मिले और दावों तथा आपत्तियों का निष्पक्ष तरीके से निपटारा किया जाए। कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान इन्हीं चिंताओं को सामने लाने का प्रयास है।

देवांगन ने बताया कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर संबंधित संस्थाओं को तथ्यों के आधार पर जवाब देना चाहिए।

जनता को राजनीतिक बयानबाजी नहीं, जवाब चाहिए

संजय देवांगन ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की प्रशंसा करना नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सवाल उठाना है। रोजगार, महंगाई, चुनावी वादों और मतदाता सूची की पारदर्शिता पर जवाब मांगना लोकतंत्र का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा को राजनीतिक मर्यादा की नसीहत देने से पहले अपने आचरण पर भी उसी कसौटी से विचार करना चाहिए। जनता को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय स्पष्ट जवाब चाहिए। युवाओं को रोजगार, परिवारों को महंगाई से राहत और मतदाताओं को निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया का भरोसा मिलना चाहिए।

देवांगन ने सवाल किया कि भाजपा को खड़गे के बयान से अधिक परेशानी है या उन मुद्दों से, जिन पर जनता जवाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने वालों को कटघरे में खड़ा करने से जवाबदेही समाप्त नहीं होती। सरकार को अपने वादों और कामकाज का हिसाब देना चाहिए।

— संजय देवांगन, प्रवक्ता, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग

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