रायगढ़ में कोयला ट्रांसपोर्टर के घर घुसकर जानलेवा हमला और ₹10 लाख की रंगदारी: कोतवाली पुलिस ने कुख्यात गुंडा बदमाश सहित 3 आरोपियों को दबोचा

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी और औद्योगिक जिला रायगढ़ में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों पर पुलिस ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। उधारी की रकम वसूलने की आड़ में एक कोयला ट्रांसपोर्टर के घर में जबरन घुसकर बेदम मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और **10 लाख रुपये की अवैध रंगदारी (वसूली)** मांगने वाले शहर के एक चिन्हांकित कुख्यात गुंडे सहित तीन शातिर आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के कड़े रुख के बाद हुई इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

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7 लाख की उधारी के बदले मांगे 10 लाख, घर में घुसकर बरसाए डंडे

कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आशीर्वाद पूरम कॉलोनी (रायगढ़) निवासी कमलेश सिंह (52 वर्ष), जो पेशे से कोयला ट्रांसपोर्टिंग का व्यवसाय करते हैं, ने थाने में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि पिछले कुछ समय से व्यावसायिक और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह कुडेकेला निवासी एक व्यक्ति के लगभग 7 लाख रुपये का भुगतान पिछले तीन वर्षों से नहीं कर पा रहे थे।

इसी बात का फायदा उठाकर 11 जून की दोपहर को कोतवाली थाने का रिकॉर्डेड और चिन्हांकित गुंडा बदमाश कपिल सोलंकी अपने दो अन्य शातिर साथियों मनीष परियानी और गिरीश माखीजा के साथ पीड़ित कमलेश सिंह के घर में बकायदा कट्टा और डंडे चमकाते हुए जबरन घुस आया। आरोपियों ने पीड़ित को बंधक बनाकर धमकाते हुए सीधे 10 लाख रुपये की मांग की। बदमाशों ने गर्जना करते हुए कहा कि यदि रकम तुरंत नहीं मिली, तो उसकी सुपारी देकर हत्या करवा दी जाएगी। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को दौड़ा-दौड़ाकर डंडे तथा हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

एसएसपी के निर्देश पर स्पेशल टीम एक्टिव, तीनों आरोपी भेजे गए जेल

पीड़ित ट्रांसपोर्टर की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामला शहर के रसूखदार ट्रांसपोर्टर और गुंडागर्दी से जुड़ा होने के कारण एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कोतवाली थाना प्रभारी को आरोपियों की तत्काल और बिना किसी दबाव के गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

पुलिस की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर पहले मुख्य सरगना व गुंडा कपिल सोलंकी को घेराबंदी कर दबोचा। इसके बाद उसकी निशानदेही और सायबर लोकेशन के आधार पर उसके दोनों सहयोगियों मनीष और गिरीश को भी शहर के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया गया। कड़ी पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिन्हें न्यायालय में पेश कर सीधे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पकड़े गए आरोपियों का है काला इतिहास, जिला बदर और पॉक्सो के हैं केस

रायगढ़ पुलिस द्वारा खंगाले गए आपराधिक रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए तीनों आरोपी शहर के आदतन और कुख्यात अपराधी हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है: आरोपी का नाम आपराधिक इतिहास और दर्ज मामले कपिल सोलंकी (मुख्य आरोपी) कोतवाली थाने का चिन्हांकित गुंडा। इसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO), हत्या का प्रयास (307), आर्म्स एक्ट, बलवा, कटरबाजी और जानलेवा मारपीट के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। मनीष परियानी इसके विरुद्ध लूट, अवैध आबकारी (शराब तस्करी), सट्टा-जुआ और मारपीट के अनेक प्रकरण दर्ज हैं। इसके आतंक को देखते हुए पूर्व में जिला बदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। गिरीश माखीजा यह भी पुलिस रिकॉर्ड में आदतन अपराधी है। इसके खिलाफ सट्टा, खाईवाली, जुआ एक्ट और शहर के व्यापारियों से मारपीट के कई मामले दर्ज हैं।

अवैध वसूली और दादागिरी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे: एसएसपी

इस बड़ी कामयाबी और गुंडों की गिरफ्तारी के बाद एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा है कि रायगढ़ जिले में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, अवैध वसूली, ब्याजखोरी या आम नागरिकों व व्यापारियों को डरा-धमकाकर भयभीत करने वाले तत्वों को पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस का ‘क्लीन सिटी’ अभियान लगातार जारी रहेगा और जो भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने की जुर्रत करेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका कोई भी बैकग्राउंड हो।

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