रायगढ़ : विश्व IVF दिवस पर एपेक्स हॉस्पिटल का विशेष आयोजन, आधुनिक तकनीक से हजारों परिवारों के घर आई खुशियां
विशेषज्ञों ने बांझपन के उपचार में नई तकनीकों की उपयोगिता बताई, जागरूकता बढ़ाने का लिया संकल्प
रायगढ़। विश्व IVF दिवस के अवसर पर रायगढ़ स्थित एपेक्स सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड IVF सेंटर में शनिवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत केक कटिंग के साथ हुई। इस दौरान आधुनिक IVF तकनीक, बांझपन के उपचार में हो रहे नवाचार और निःसंतान दंपत्तियों के जीवन में आई सकारात्मक बदलावों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ ने अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने का संकल्प लिया।
2017 से बन रहा है निःसंतान दंपत्तियों की उम्मीद का केंद्र
IVF विशेषज्ञ डॉ. रश्मि गोयल ने बताया कि वर्ष 2017 में एपेक्स हॉस्पिटल में IVF सेवाओं की शुरुआत की गई थी। तब से अब तक यह केंद्र हजारों दंपत्तियों के लिए उम्मीद का केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि यहां चार बार ट्रिपलेट (एक साथ तीन बच्चों) का सफल जन्म हो चुका है, जो संस्थान की विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमाण है।
दूसरे राज्यों से भी इलाज के लिए पहुंच रहे मरीज
डॉ. गोयल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों से भी कई दंपत्ति उपचार के लिए एपेक्स IVF सेंटर पहुंचे हैं और सफल इलाज के बाद माता-पिता बनने का सुख प्राप्त कर चुके हैं। वर्तमान में भी दूर-दराज़ क्षेत्रों से मरीज नियमित रूप से रायगढ़ आ रहे हैं।
अत्याधुनिक तकनीकों से मिल रहा बेहतर उपचार
सीनियर एम्ब्रायोलॉजिस्ट डॉ. अंजू अर्चना ने बताया कि केंद्र में अत्याधुनिक IVF लैब के साथ हिस्टेरोस्कोपी, लैप्रोस्कोपी, IUI, ICSI, लेजर असिस्टेड हैचिंग, PRP और Zymot जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है। प्रत्येक मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार उपचार की योजना तैयार की जाती है, जिससे सफलता की संभावना बढ़ती है।
नौ वर्षों में हजारों परिवारों की जिंदगी में आई खुशियां
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में हजारों निःसंतान दंपत्तियों ने यहां सफल उपचार के माध्यम से संतान सुख प्राप्त किया है। इसी उपलब्धि ने एपेक्स IVF सेंटर को क्षेत्र के प्रमुख प्रजनन उपचार केंद्रों में शामिल किया है।
क्विज प्रतियोगिता और जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान IVF एवं बांझपन जागरूकता पर आधारित क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें चिकित्सकों, स्टाफ और उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
समय पर इलाज और सही जानकारी पर दिया जोर
कार्यक्रम के समापन पर विशेषज्ञों ने कहा कि आज भी कई दंपत्ति जानकारी के अभाव या सामाजिक झिझक के कारण समय पर उपचार नहीं करा पाते। ऐसे में जागरूकता, सही परामर्श और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों तक उपचार पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
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