‘राहुल’ का दौरा, ‘2023’ का रोडमैप! रायपुर में राहुल, चर्चा में ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’, क्या हैं कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के इस दौरे के सियासी मायने
रायपुरः
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गुरुवार को तय कार्यक्रम के तहत कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी रायपुर आए और तकरीबन पांच घंटे तक अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए। जिनमें सबसे अहम था। भूमिहीन मजदूरों के लिए न्याय योजना का शुभारंभ, अमर जवान ज्योति का शिलान्यास और नवा रायपुर में सेवाग्राम की नींव रखना। इस मौके पर राहुल गांधी के निशाने पर केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और छद्म राष्ट्रवाद रहा। क्या हैं राहुल गांधी के इस दौरे के सियासी मायने। क्या संदेश है इसका।
जाहिर तौर पर राहुल गांधी के दौरे के बहाने छत्तीसढ़ कांग्रेस ने अपने तीन प्रमुख लक्ष्यों को एक साथ जनता के सामने रखा। न्याय योजना के जरिए राज्य सरकार ने जहां सामाजिक न्याय का मॉडल पेश किया तो नवा रायपुर में वर्धा की तर्ज पर सेवाग्राम के जरिए गांधीवादी विकास का मॉडल। सबसे अहम अमर जवान ज्योति के जरिए राष्ट्रवाद के कांग्रेसी वर्जन को सामने रखा। यही वजह है कि इस अवसर पर राहुल गांधी ने छद्म राष्ट्रवाद को लेकर केंद्र सरकार पर प्रहार किए।
बहरहाल कांग्रेस ने जिस तरह से अपनी योजनाओँ में सामाजिक न्याय, गांधीवाद और राष्ट्रवाद के मॉडल को अपनाया है। उससे ये तो तय है कि वो आने वाले चुनाव में बीजेपी को कोई भी मौका नहीं देना चाहती। अब सवाल ये है कि क्या 2023 के चुनाव में कांग्रेस इन्हीं क्षेत्रों को सामने रखकर जनता के सामने जाना चाहती है ? क्या छत्तीसगढ़ में इस मॉडल को टेस्ट कर इसे राष्ट्रीय स्तर पर आजमाने की योजना है और सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या कांग्रेस तीनों लक्ष्यों के जरिए अपने रिफॉर्म योजना को पेश करने जा रही है?



