
इस वेट्रेस ने इस बेघर आदमी को हर दिन खाना दिया। वह अक्सर उसके रेस्टोरेंट के पास ही पाया जाता था और खासकर तब से, जब से उसे पता चला कि यह युवती उसके प्रति कितनी दयालु है।
वे दोनों एक-दूसरे को इतनी बार मिले कि समय के साथ उन दोनों के बीच एक बहुत ही गहरा बंधन बन गया। वह हर दिन काम से पहले और बाद उससे बातचीत करने की कोशिश करती थी और इससे उस बेघर आदमी के चेहरे पर मुस्कान आ जाती। उस युवती को लगा कि वह उसे पहले से ही जानती थी।
लेकिन तब उसे पता चला कि वह व्यक्ति वास्तव में कौन था…
20 वर्षीय साराह पिछले कई सालों से इस रेस्तरां में काम कर रही थी। वह अपनी पढाई पूरी कर रही थी और यहां से कमाए पैसे उसकी पढाई की फीस भरने में काम आते थे।
हालांकि, कुछ दिनों से उसे फुटपाथ पर एक पस्त आदमी दिखाई दे रहा था। वह किसी से भीख नहीं मांगता था, लेकिन उसने साराह को बताया कि उसे वहाँ रहना पसंद है।
साराह के लिए उस आदमी को इन हालातों में देखना मुश्किल हो रहा था और वह हर रोज़ अपनी शिफ्ट के बाद उस आदमी के लिए रसोई का बचा हुआ खाना ले आती थी।
एक दिन जब अपने लेक्चर के बाद साराह रेस्टोरेंट में जा रही थी, तो उसे वह पस्त आदमी फिर से दिखाई दिया।
उसे पहली बार देखने के विपरीत, अब वह उसे देखकर चौंकती नहीं थी बल्कि वह उसका अभिवादन करती थी।
अपनी शिफ्ट शुरू करने के लिए रेस्टोरेंट में जाते हुए उसने उस आदमी को ख़ुशी से कहा, “हेरोल्ड, शाम को मिलते हैं!”
लेकिन हेरोल्ड की अन्य योजनाएँ थीं…
आखिरकार घड़ी पर 10:00 बजते ही साराह की शिफ्ट खत्म हो गई। थककर उसने अपना एप्रन उतारा और उसे काउंटर पर फेंक दिया।
घर के लिए निकलने से पहले वह हेरोल्ड के लिए बचा हुआ खाना लेने के लिए रसोई में चली गई। दरवाजे से बाहर कदम रखते ही उसने अपनी सहकर्मी से कहा, “कल मिलते हैं!”
हालांकि, उसे तब बहुत आश्चर्य हुआ जब उसने देखा कि हेरोल्ड अपने सामान्य स्थान पर उसका इंतजार नहीं कर रहा था। इस बार वह दीवार के सहारे एक गली में खड़ा था और उसने साराह को अपनी ओर आने का इशारा किया…
एक पल के लिए तो साराह थोड़ा झिझकी। सामान्य तौर पर तो हेरोल्ड उसे देखकर बहुत खुश हुआ करता था और उसके द्वारा दिए गए भोजन को कृतज्ञतापूर्वक खा लेता था।
वह उसकी कंपनी, उसके बॉस और उसकी शिक्षा के बारे में बातचीत किया करते थे। लेकिन इस बार यह थोड़ा अलग था।
उलझन में, साराह उस गली की ओर चल दी जहां अंधेरे में हेरोल्ड उसका इंतजार कर रहा था। साराह की छठी इन्द्रियों ने उसे बताया कि कुछ तो गड़बड़ है। वह आदमी थोड़ा घबराया हुआ लग रहा था और उसके चेहरे की दोस्ताना मुस्कान गायब थी।
क्या वह उसके साथ कुछ करने जा रहा था?
रेस्तरां की रोशनी से दूर रहने की पूरी कोशिश करते हुए हेरोल्ड फुसफुसाया, “जल्दी यहाँ आओ, मुझे तुमसे कुछ कहना है…”
साराह झिझकते हुए गली की ओर चल दी। उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था। क्या उसने सही फैसला लिया है? अगर वह आदमी अँधेरी गली में उसके साथ कुछ करता तो किसी को भी इस बारे में पता ही नहीं चलता।
और वह हेरोल्ड को कितनी अच्छी तरह जानती थी? वह जानती थी कि वह बेघर है और उसे हेरोल्ड के लिए बुरा भी लगता था। लेकिन अब वह बहुत अजीब व्यवहार कर रहा था…
साराह ने फिर भी अपनी किस्मत आज़माने का फैसला किया। हेरोल्ड हमेशा बहुत अच्छा व्यव्हार करता था और उसे देखकर ऐसा नहीं लगता था कि वह किसी को नुकसान पहुंचाएगा।
लेकिन साराह के लिए स्थिति का सही जायज़ा लेना मुश्किल होता जा रहा था। कदम दर कदम वह गली की ओर बढ़ी, जबकि हेरोल्ड उसे अपने पास बुलाता रहा। “जल्दी करो, इससे पहले कि कोई तुम्हें देख ले!”
एक बार जब वह रेस्टोरेंट से दूर हो गई, तो उसने सीधा हेरोल्ड की आँखों में देखा। वह पहले से बहुत अलग दिख रहा था और उसकी आँखों में एक चमकीला, जोशीला रूप था।
रोल्ड के रवैये को देख साराह बहुत हैरान हो गई और वह तुरंत वहां से जाना चाहती थी कि तभी हेरलोड ने खुलासा किया कि वह वास्तव में कौन था और वह वहां क्या कर रहा था।
हेरोल्ड की बात सुन वह अपने आप को कोसने लगी! वह उसके जाल में कैसे फंस सकती है? लेकिन उसके पास चिंता करने का समय नहीं था। अब कार्रवाई करने का समय आ गया था!
वह हेरोल्ड के साथ रेस्टोरेंट में वापस चली गई और उसने वहां के दरवाजे खोले। और फिर हेरोल्ड तेज़ी से आगे बढ़ा और उसने अपनी जेब से एक बैज निकाला।
ईमारत के अंदर सिर्फ साराह का बॉस था और वह बहुत भयभीत लग रहा था। लेकिन किसी निर्दोष की तरह अपने हाथों को हवा में उठाने के बजाय, उसने वहां से दौड़ने का फैसला लिया।
कुछ ही सेकंड में रेस्टोरेंट एक क्राइम मूवी के सीन में बदल गया। उसका बॉस एक साधारण रेस्टोरेंट का मालिक था। वह एफबीआई की अपराधियों की सूची में नहीं हो सकता, या क्या फिर ऐसा हो सकता है? उसने क्या गलत किया होगा?
हेरोल्ड अब अचानक से आश्चर्यजनक रूप से सही तरह से चलने लगा था, और वह सही समय पर उसे काबू करने में कामयाब हो पाया और फिर हेरोल्ड ने रेस्टोरेंट के मालिक को हथकड़ी लगा दी।
बाद में उसने साराह को बताया कि वह महीनों से इस रेस्टोरेंट पर गुप्त तरीके से नज़र रखे हुआ था क्योंकि उन्हें इस बात का संदेह था कि यहाँ बड़ी मात्रा में धन का शोधन किया जा रहा था।
उसने साराह को नौकरी के रूप में उसके द्वारा दी जा रही सेवाओं के लिए भी धन्यवाद दिया। वह हेरोल्ड की निजी सहायक बन गई और उसने उसके कई अन्य मामलों को सुलझाने में भी उसकी मदद की।
उसने जो पैसा कमाया, उससे वह अपनी शिक्षा को पूरा करने के लिए धन जुटाने में सक्षम हो पाई थी, और फिर अपराध विज्ञान का अध्ययन करने के बाद साराह ने फबीआई के पूर्ण सदस्य के रूप में पीएचडी की डिग्री भी प्राप्त की।



