सारंगढ़-बिलाईगढ़ : निजी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार सृजन पर कलेक्टर ने की समीक्षा
हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल, बेरोजगार युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के दिए निर्देश
सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी पद्मिनी भोई साहू ने जिले में संचालित निजी अस्पतालों के संचालकों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी तथा युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार के संबंध में समीक्षा की। बैठक में उन्होंने निजी अस्पतालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हाई-रिस्क गर्भावस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
कलेक्टर ने निजी अस्पताल संचालकों से कहा कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। उन्होंने अस्पतालों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि निजी अस्पताल भी जनहित से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करें।
युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और रोजगार
कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह को निर्देशित किया कि कौशल विकास विभाग, आरसेटी (RSETI) तथा जिले के आईटीआई संस्थानों के माध्यम से इच्छुक बेरोजगार युवाओं को रोजगारोन्मुखी तकनीकी, मेडिकल और कंप्यूटर पाठ्यक्रमों का निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही प्रशिक्षित युवाओं को निजी अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों एवं अन्य संस्थानों में रोजगार दिलाने के लिए समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
कौशल विकास योजनाओं की दी गई जानकारी
बैठक में बताया गया कि कौशल विकास विभाग द्वारा 8वीं, 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण युवाओं को जनरल नर्सिंग असिस्टेंट, टैली, डीटीपी सहित विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव, निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि तथा कौशल विकास विभाग के अधिकारी पुरुषोत्तम स्वर्णकार और लीलाधर अजगल्ले उपस्थित रहे।


