सुकमा : जंगल में मिला नक्सलियों का छिपा डंप, देशी राइफल, वायरलेस सेट और विस्फोटक सामग्री बरामद

चिन्नाबोड़केल के पहाड़ी-जंगल इलाके में सर्चिंग के दौरान मिली बड़ी मात्रा में सामग्री

सुकमा, 7 सितंबर 2026। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को सर्चिंग के दौरान एक संदिग्ध नक्सली डंप मिला है। चिंतलनार थाना क्षेत्र के चिन्नाबोड़केल गांव के पहाड़ी और जंगल इलाके में मिले इस डंप से हथियार, विस्फोटक तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, वायरलेस उपकरण और अन्य सामान बरामद किया गया है।

CRPF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने चलाया अभियान

जानकारी के अनुसार 5 सितंबर को मिले इनपुट के आधार पर रायगुडेम कैंप से 223वीं बटालियन CRPF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम को जंगल क्षेत्र में सर्चिंग के लिए भेजा गया था। पहाड़ी और दुर्गम इलाके में तलाशी के दौरान जवानों को जमीन में छिपाकर रखे गए सामान का पता चला।

देशी राइफल और IED से जुड़ी सामग्री बरामद

सुरक्षा बलों के अनुसार डंप से एक देशी राइफल (भरमार), BGL तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले 57 पाइप और तीन IED कंटेनर बरामद हुए हैं। इसके अलावा अलग-अलग प्रकार के डेटोनेटर और करीब एक किलो गन पाउडर भी मिला है।

सर्चिंग के दौरान करीब 3 किलो यूरिया, शॉक ट्यूब असेंबली, इलेक्ट्रिक और नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर तथा अन्य विस्फोटक संबंधी सामग्री भी बरामद की गई।

वायरलेस सेट और बड़ी संख्या में बैटरियां मिलीं

डंप से सुरक्षा बलों को संचार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं। इनमें दो वायरलेस सेट, रेडियो सेट, अलग-अलग क्षमता की बैटरियां, बिजली के तार, चार्जर, सर्किट बोर्ड, AC/DC पावर इन्वर्टर और पावर बैंक शामिल हैं।

इसके अलावा दो खराब मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

नक्सली साहित्य और रोजमर्रा का सामान भी बरामद

तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को नक्सली झंडा और 25 साहित्य, काली यूनिफॉर्म, बेल्ट, तीर-कमान, लोहे की स्पाइक, मेडिकल सामग्री, मच्छरदानी और अन्य उपयोगी सामान भी मिला है।

बरामद सामग्री सुरक्षित कब्जे में, आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस ने बरामद सामान को सुरक्षा मानकों के तहत कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह डंप कब से जंगल में छिपाकर रखा गया था और इसमें मौजूद सामग्री का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।

नक्सल प्रभावित इलाकों में छिपे हथियारों और विस्फोटक डंप की तलाश के लिए सुरक्षा बलों की सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।

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