सेवा भारती छात्रावास अंबिकापुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सेवा भारती छात्रावास, अंबिकापुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन शक्ति सिंह राजपूत, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में एवं कृष्णा पाल सिंह भदौरिया, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अध्यक्ष आई. वी. तिवारी की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर सुश्री ऋचा रिनी तिग्गा, व्यवहार न्यायाधीश, अश्विन खाखा, व्यवहार न्यायाधीश एवं हेमंत प्रसाद, व्यवहार न्यायाधीश की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का मंच संचालन सुश्री ऋचा रिनी तिग्गा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रावास में निवासरत बच्चों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कृष्णा पाल सिंह भदौरिया द्वारा बच्चों को पॉक्सो अधिनियम, महिलाओं से संबंधित अपराध, महिलाओं के उत्तराधिकार संबंधी अधिकार, जमानतीय एवं अजमानतीय अपराधों के बीच अंतर तथा वाहनों में बीमा के महत्व के संबंध में सरल एवं सहज भाषा में जानकारी प्रदान की गई। न्यायालय की जटिल प्रक्रियाओं को भी बच्चों को सरल शब्दों में समझाया गया।
न्यायाधीश द्वारा बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया गया कि विधिक जागरूकता केवल कानून की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायालय की कार्यप्रणाली को समझना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बच्चों को न्यायालय कक्ष में आकर कार्यवाही का अवलोकन करने के लिए आमंत्रित किया तथा कानून एवं न्याय के क्षेत्र में रुचि विकसित कर भविष्य में इसे करियर के रूप में चुनने के लिए प्रोत्साहित किया।
इसके पश्चात अश्विन खाखा द्वारा बच्चों को मानव दुर्व्यापार एवं मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास से जुड़े इन गंभीर विषयों तथा इनके निवारण एवं रोकथाम के संबंध में महत्वपूर्ण विधिक जानकारी बच्चों के साथ साझा की।
कार्यक्रम के अगले चरण में हेमंत प्रसाद द्वारा वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के संबंध में बच्चों को जागरूक किया गया। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों तथा ऐसे अपराध घटित होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके साथ ही उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ताओं को प्राप्त अधिकारों के संबंध में भी बच्चों को अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न विधिक विषयों को उत्सुकता एवं रुचि के साथ समझा तथा न्यायिक अधिकारियों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।



