हल्द्वानी की घटना BJP की दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण: कांग्रेस
रायगढ़, 15 अगस्त। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण स्थल का कथित रूप से “शुद्धिकरण” कराए जाने की घटना को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए इसे सामाजिक भेदभाव से जोड़ते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने कहा कि हल्द्वानी की घटना शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल का “शुद्धिकरण” कराया जाना केवल एक वरिष्ठ नेता का अपमान नहीं, बल्कि दलित और वंचित वर्गों के सम्मान से जुड़ा विषय है।
नेगी ने कहा कि खरगे ने अपना राजनीतिक जीवन सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के मुद्दों के लिए समर्पित किया है। उनके मुताबिक ऐसी घटनाएं सामाजिक समरसता को लेकर भाजपा के दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर को सामने लाती हैं।
भाजपा से स्पष्ट पक्ष रखने की मांग
नेगी ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान देता है। जाति के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने भाजपा से घटना पर अपना स्पष्ट पक्ष रखने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भी जताई आपत्ति
जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने कहा कि हल्द्वानी की घटना से दलित समाज के सम्मान और अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ वंचित, गरीब, मजदूर और शोषित वर्गों की आवाज भी हैं।
डनसेना ने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति उसके सम्मान का आधार नहीं हो सकती। आजादी के 79 वर्ष बाद भी यदि किसी राष्ट्रीय नेता के कार्यक्रम स्थल के “शुद्धिकरण” जैसी घटना सामने आती है, तो यह सामाजिक समानता के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी कथित भेदभावपूर्ण मानसिकता का विरोध करती रहेगी और सामाजिक न्याय, समानता तथा संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में सामाजिक भाईचारे और एकता को मजबूत करने की आवश्यकता है। जातिगत भेदभाव से जुड़ी घटनाएं इस दिशा में बाधा पैदा करती हैं। पार्टी ने समानता और प्रत्येक नागरिक के सम्मान को लोकतांत्रिक समाज की बुनियादी आवश्यकता बताया।











