अंबिकापुर : अनुपम वस्त्रालय विवाद के बाद दो भाजपा नेताओं पर FIR, रवीन्द्र तिवारी और धीरज सिंह के खिलाफ अलग-अलग मामले
अंबिकापुर। अनुपम वस्त्रालय प्रकरण से जुड़े विवाद ने अब नया कानूनी मोड़ ले लिया है। पीड़िता को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और अनुसूचित जनजाति समुदाय के संबंध में कथित अपमानजनक बयान को लेकर भाजपा नेता रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। वहीं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो की शिकायत पर भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ भी जातिगत टिप्पणी, गाली-गलौज और धमकी के आरोपों में अपराध दर्ज किया गया है। दोनों मामले अलग-अलग शिकायतों पर दर्ज हुए हैं।
रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ SC/ST एक्ट समेत धाराओं में मामला
पुलिस के अनुसार, अनुपम वस्त्रालय प्रकरण से संबंधित कथित बयानबाजी को लेकर सुनीता सोनहा सहित विभिन्न संगठनों की ओर से शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने के दौरान रवीन्द्र तिवारी ने प्रकरण की पीड़िता को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की और अनुसूचित जनजाति समुदाय के संबंध में भी ऐसी टिप्पणी की गई, जिसे शिकायतकर्ताओं ने अपमानजनक बताया।
इसके आधार पर पुलिस ने FIR क्रमांक 0015/2026 दर्ज की है। मामले में SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r), 3(1)(u), 3(1)(w-ii), 3(2)(va) तथा BNS की धारा 196(1) और 353(2) लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस कथित बयानों, उनके संदर्भ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी।
अनुपम वस्त्रालय प्रकरण से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा घटनाक्रम अंबिकापुर के स्कूल रोड स्थित अनुपम वस्त्रालय से जुड़े पुराने विवाद के बाद सामने आया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 11 अगस्त 2026 की घटना को लेकर सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 0563/2026 दर्ज किया गया था। इसके बाद पीड़िता के समर्थन में सामाजिक संगठनों ने कार्रवाई की मांग उठाई और कथित सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर भी शिकायतें सामने आईं।
आकांक्षा टोप्पो की शिकायत पर धीरज सिंह के खिलाफ FIR
दूसरे मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो की शिकायत पर भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को अंबिकापुर के कलाकेंद्र मैदान के पास दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आकांक्षा टोप्पो ने शिकायत में रास्ता रोकने, जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR क्रमांक 0702/2026 में BNS की धारा 296, 351(1), 78(1) तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r-s) के तहत मामला दर्ज किया है।
FIR के बाद थाने में भी हुआ विवाद
धीरज सिंह के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद भाजपा से जुड़े कई नेता और कार्यकर्ता थाने पहुंचे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान पुलिस अधिकारियों और वहां पहुंचे लोगों के बीच बहस की स्थिति भी बनी। बाद में दूसरे पक्ष की शिकायत पर आकांक्षा टोप्पो और अकील अहमद के खिलाफ भी अलग मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर
दोनों मामलों में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने कथित घटनाओं की परिस्थितियों, बयानों, उपलब्ध वीडियो या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और शिकायतों में लगाए गए आरोपों की जांच की चुनौती है।
FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की न्यायिक पुष्टि या दोषसिद्धि नहीं है। दोनों मामलों में आरोपों की वास्तविकता पुलिस विवेचना, उपलब्ध साक्ष्यों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।
अनुपम वस्त्रालय प्रकरण से जुड़े पुराने विवाद और ताजा FIR के कारण अंबिकापुर में यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्य और संबंधित पक्षों के बयान आगे की दिशा तय करेंगे।
