‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन: चक्रधरनगर पुलिस ने 8 टन कच्चा आयरन (पायलट गोली) से लदा ट्रेलर किया जब्त, 13 लाख का मशरूका सील

छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले रायगढ़ में अवैध कबाड़, चोरी की औद्योगिक सामग्रियों के संग्रहण और परिवहन के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार”

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के तहत चक्रधरनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ग्राम तिलगा के पास घेराबंदी कर **8 टन पायलट गोली (कच्चा आयरन)** से लदे एक संदिग्ध ट्रेलर को जब्त किया है। मामले में मौके पर मौजूद वाहन चालक और ट्रेलर मालिक को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पटेल ढाबा के पास खड़ी थी संदिग्ध गाड़ी, थाना प्रभारी के नेतृत्व में हुई रेड

चक्रधरनगर पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुखबिर से एक पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम तिलगा स्थित पटेल ढाबा के पास एक भारी-भरकम ट्रेलर संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ा है, जिसमें अवैध रूप से भारी मात्रा में फैक्ट्रियों से चोरी की गई पायलट गोली (स्पंज आयरन/कच्चा लोहा) लोड है और उसे खपाने की तैयारी की जा रही है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए चक्रधरनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने तत्काल मौके पर जाकर दबिश दी। पुलिस टीम ने वहां खड़े ट्रेलर क्रमांक JH 16 J 6729 को चारों तरफ से घेर लिया और उसकी सघन तलाशी ली। जांच करने पर ट्रेलर की बॉडी के भीतर करीब 8 टन वजनी पायलट गोली भरी हुई पाई गई।

पूंजीपथरा की फैक्ट्रियों में बेचने की थी तैयारी, नहीं दिखा पाए वैध कागजात

पुलिस टीम ने जब वाहन में मौजूद व्यक्तियों से पूछताछ की, तो उनकी पहचान इस प्रकार हुई:

  • नंदू वर्मा: (वाहन चालक)
  • हरेन्द्र कुमार गोंड उर्फ अभय: (वाहन स्वामी/मालिक)

शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इस कच्चे लोहे को औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा की किसी फैक्ट्री या कबाड़ सेंटर में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए ले जा रहे थे। जब चक्रधरनगर पुलिस ने उनसे इस बेहद संवेदनशील औद्योगिक सामग्री के परिवहन, टैक्स इनवॉइस, माइनिंग रॉयल्टी पास या फैक्ट्री के वैध मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, तो चालक और मालिक दोनों बगले झांकने लगे और कोई भी वैध कागज नहीं दिखा सके।

सामग्री के पूर्णतः चोरी की संपत्ति (Stolen Property) होने की आशंका और पुष्टि पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रेलर और उसमें लदी 8 टन पायलट गोली को विधिवत जब्त कर लिया।

13 लाख रुपये आंकी गई कुल कीमत, मुख्य नेटवर्क की तलाश जारी

चक्रधरनगर पुलिस के अनुसार, जब्त की गई 8 टन पायलट गोली और परिवहन में प्रयुक्त भारी ट्रेलर की कुल अनुमानित बाजार कीमत **लगभग 13 लाख रुपये** आंकी गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत चोरी और अवैध परिवहन का अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजने की तैयारी कर ली है।

पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह पायलट गोली रायगढ़ या आसपास के किस बड़े उद्योग/फैक्ट्री से चोरी कर निकाली गई थी, इसका वास्तविक मालिक कौन है और इस अवैध कारोबार के पीछे पूंजीपथरा या चक्रधरनगर क्षेत्र के कौन से कबाड़ माफिया और बिचौलियों का गिरोह सक्रिय है।

औद्योगिक कबाड़ और चोरी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति: एसएसपी

इस कार्रवाई के बाद रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने जिले के कबाड़ चोरों और अवैध परिवहनकर्ताओं को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी औद्योगिक और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध कबाड़ के परिवहन, संग्रहण (डंपिंग) और उसकी अवैध खरीद-फरोख्त के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है।

उन्होंने साफ किया कि जो भी ट्रांसपोर्टर या वाहन स्वामी बिना वैध ई-वे बिल या माइनिंग कागजातों के औद्योगिक सामग्री का परिवहन करते पाया जाएगा, उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर वाहन राजसात करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’ जिलों की सड़कों पर लगातार और इसी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा।

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