केन्द्रो में सूख रहा धान, समिति प्रबंधक हो रहे परेशान

बलौदाबाज़ार,
फागुलाल रात्रे,।

समर्थन मूल्य में धान की खरीदी होने के बाद उपार्जन केन्द्रो से धान का उठाव समय पर नहीं होने के चलते सोसाइटियों में रखे धान में सूखत आना शुरू हो गया है है। खरदी के 72 घण्टे के भीतर धान का उठाव हो जाना चाहिए। समय पर धान का उठाव नहीं होने से समिति प्रबंधको व सदस्यों पर चिन्ता मंडरा रही है। पिछले वर्षो में आई सूखत की समस्या से कर्मचारियो, समिति प्रबंधको को काफी परेशान होना पड़ा था। वर्तमान समय में धूप में तेजी आते ही धान के सूखत में तेजी आने की संभावना को देखकर समिति प्रबंधक परेशान हो रहे है। यदि पिछले एक सप्ताह के भीतर तक धान का उठाव नहीं किया जाता है, तो निश्चित तौर पर धान में सूखत आयेगी ही। सूखत आने से समिति को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

विदित हो कि गत वर्ष 2020-21 व 22 में धान खरीदी केन्द्रो मे देरी से उठाव होने की वजह से शार्टेज की समस्या उत्पन्न हुई थी। प्रायः अधिकांश समितियों को शार्टेज की समस्या से जुझना पड़ा था। जिसकी वजह से शायद समिति कर्मचारियों को वेतन का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। वही, शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश है कि उपार्जन केन्द्रो से धान का उठाव 72 घण्टे के भीतर हो जाने चाहिए पर इसका अक्षरशः पालन कभी भी देखने को नहीं मिल रहा है। धान खरीदी को बंद हुए 9 दिन बीत गये लेकिन अधिकांश उपार्जन केन्द्रो में धान का उठाव नहीं हो सका है।

आपको बता दें कि इस वर्ष राज्य सरकार के आदेश तथा कलेक्टर रजत बंशल के निर्देश पर सभी धान खरीदी केन्द्रो में मिलरो के द्वारा लगातार धान का उठाव किया गया। लेकिन अंतिम समय पर प्रशासन के द्वारा डीओ नहीं कटने पर मिलरो के द्वारा धान का उठाव नहीं किया जा रहा है। इस वजह से समिति प्रबंधक काफी परेशान दिख रहे है। सूखत की समस्या आने से डर रहे है, क्योंकि वर्तमान समय में धूप भी तेज हो गए है। गत वर्षो की अपेक्षा इस वर्ष भी समिति को नुकसान ना झेलनी पड़े इसके लिए समिति प्रबंधको ने जिला प्रशासन से डीओ जारी कराकर धान का उठाव कराने की मांग किये है।

गौरतलब हो कि जिला सहकारी बैंक शाखा लवन अन्तर्गत 15 उपार्जन केन्द्र आते है। इन 15 उपार्जन केन्द्रो में 13 हजार 21 किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपना धान बेच चूके है। इन किसानो से 5 लाख 10 हजार 362 क्वींटल धन की खरीदी की गई है। जिसमें से 37 करोड़ 44 लाख रूपये की किसानों से ऋण की वसूली की गई। वहीं, खरीदी गए धान में से 5 लाख 3 हजार 458 क्वींटल धान का उठाव मिलरो के द्वारा किया जा चूका है। 6904 क्वींटल धान का उठाव होना बाकि है। जिन उपार्जन केन्द्रो से समय पर धान का उठाव नही हो रहा है, वहा के कर्मचारियो के लिए चिन्ता का सबब बना हुआ है। उपर्जान केन्द्रो की स्थिति पर नजर डाली जाए तो अधिकांश केन्द्रो पर धान का पूरी तरह से उठाव हो चूका है। कुछ-कुछ केन्द्रो पर ही धान का उठाव पूरी तरह से नहीं हो पाया है। इस वजह से समिति प्रबंधको पर चिन्ता की लकींरे दिखाई पड़ रही है। सभी समिति प्रबंधको का कहना है कि जिला प्रशासन डीओ जारी कराकर मिलरो से धान का उठाव जल्द से जल्द करें। ताकि समिति को सुखत की समस्या से जुझना ना पड़े।

क्या कहते है शाखा प्रबंधक

लवन शाखा के 15 उपार्जन केन्द्रो में इस वर्ष 5 लाख 10 हजार 362 क्वींटल धान खरीदा गया। जिसमें से 5 लाख 3 हजार 458 क्वींटल धान का उठाव मिलरो के द्वारा किया जा चूका है। शेष 6904 क्वींटल धान का उठाव के लिए जिला विपणन को मौखिक रूप में अवगत कराकर तथा लिखित रूप में पत्र दिया गया था। 9 फरवरी को जानकारी लेने पर बताया कि शेष धान का उठाव के लिए डीओ जारी कर दिया गया है। 20 फरवरी के पहले तक धान का उठाव हो जाने की संभावनाएं बताई गई है।

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