क्राइम मीटिंग में एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश, लंबित अपराधों का करें समयबद्ध निराकरण
हत्या, पॉक्सो, चोरी, गुम इंसान और मर्ग प्रकरणों की समीक्षा, अपराध नियंत्रण और बाढ़ प्रबंधन पर विशेष कार्ययोजना के निर्देश
रायगढ़, 11 जुलाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में जिले की मासिक क्राइम मीटिंग लेकर कानून-व्यवस्था, लंबित अपराधों, विवेचनाओं और आगामी चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में रायगढ़, खरसिया और धरमजयगढ़ अनुविभाग के सभी थानों में लंबित अपराध, शिकायत, गुम इंसान और मर्ग प्रकरणों की एक-एक कर समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, बड़ी चोरी, नकबजनी, महिला संबंधी अपराध, पॉक्सो एक्ट तथा अन्य गंभीर अपराधों में लंबित विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित थाना प्रभारियों और विवेचकों से जानकारी ली गई। एसएसपी ने सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ शीघ्र चालान न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
तीन प्रमुख बिंदुओं पर रहा फोकस
क्राइम मीटिंग में इस बार तीन प्रमुख विषयों—अपराधों का त्वरित निराकरण, यातायात व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा मानसून के दौरान बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारी—पर विशेष चर्चा की गई।
थाना प्रभारियों का छह माह का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत
बैठक में वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के पहले छह माह के कार्यों की तुलनात्मक समीक्षा प्रस्तुत की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों का छह माह का प्रदर्शन रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए अपराधों के निराकरण की गति बढ़ाने, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई तेज करने तथा जुआ, सट्टा, अवैध शराब, बदमाशों की निगरानी और माइनर एक्ट के मामलों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस का अंतिम उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना है और यह तभी संभव है जब विवेचना समय-सीमा में पूर्ण कर न्यायालय में प्रभावी चालान प्रस्तुत किए जाएं।
यातायात व्यवस्था और रोड इंजीनियरिंग पर विशेष जोर
मानसून के दौरान सड़क क्षति, जलभराव और वाहनों के खराब होने से उत्पन्न जाम की समस्या को देखते हुए एसएसपी ने यातायात शाखा को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और संबंधित विभागों के समन्वय से सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के लिए कार्यशाला आयोजित
क्राइम मीटिंग में जिले के सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को भी शामिल किया गया। एसएसपी ने उन्हें प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और सीसीटीएनएस सहित पुलिस की तकनीकी प्रणालियों में दक्षता विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक के बाद आयोजित विशेष कार्यशाला में डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने केस स्टडी के माध्यम से विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुसंधान में छोटी-छोटी चूक का लाभ आरोपियों को मिल सकता है, इसलिए प्रत्येक विवेचक को वैज्ञानिक और विधिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
बाढ़ और आपदा प्रबंधन को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश
मानसून को देखते हुए एसएसपी ने महानदी से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने थाना प्रभारियों को कोटवारों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ सतत संपर्क बनाए रखने तथा अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी प्रभात पटेल, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “जनता को समय पर न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। प्रत्येक विवेचना गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और कानून सम्मत हो, यही रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है।”



