कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन एवं कृषि विज्ञान केंद्र की समीक्षा बैठक सम्पन्न
दंतेवाड़ा ।
जैविक खेती के प्रति जागरुकता लाने हेतु प्रचार-प्रसार तेज करना, किसानों को धान की पारंपरिक खेती के स्थान पर वैकल्पिक फसलें अपनाने हेतु शिविर आयोजित कर प्रोत्साहित करने को कहा गया। इसी प्रकार उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि 1000 हेक्टेयर रकबे में ऑयल पाम के लिए सही हितग्राहियों का क्लस्टर स्तर पर चयन किया जाए, साथ ही केसीसी लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति करने हेतु अभियान चलाया जाए।
इस क्रम में पशुपालन विभाग को निर्देशित किया गया कि किसानों को मौसमी बीमारियों से पशुओं की सुरक्षा हेतु जागरुकता अभियान चलाए जाएं। साथ ही कृत्रिम गर्भाधान लक्ष्य की पूर्ति, सुनिश्चित करने, पशुपालकों के लिए केसीसी लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करें। मछली पालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि तालाब पट्टा आबंटन की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।
साथ ही विभागीय केसीसी लक्ष्य को बढ़ाते हुए उसे समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें। इस संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक के समापन पर कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी विभागों को आपसी समन्वय और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने हेतु निर्देशित करते हुए कहा कि यह आवश्यक है कि कृषि आधारित योजनाएं सही हितग्राहियों तक पहुंचे और जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त बने। बैठक में उप संचालक कृषि सुरज पंसारी, सहायक संचालक उद्यानिकी श्रीमती मीना मंडावी, पशुपालन से डॉ. श्रीमती श्यामा मालवीय,सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।




