छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज से आगाज, कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव
रायपुर, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। सत्र के लिए अब तक विधायकों की ओर से 1,033 प्रश्न लगाए जा चुके हैं। वहीं, कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है।
रविवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सरकारी निवास पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस पर सहमति बनी। बैठक के बाद डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस को मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है, इसलिए सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।
बैठक से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित वरिष्ठ नेताओं ने विधानसभा सत्र को लेकर रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद विधायक दल की बैठक में विपक्ष की अंतिम रणनीति तय की गई।
डॉ. महंत ने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और बिजली संकट, महंगाई, किसानों की समस्याएं तथा कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता परेशान है। कांग्रेस इन सभी मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाएगी।
कांग्रेस ने नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने की तैयारी की है। पार्टी इस मामले में स्थगन प्रस्ताव लाने के साथ सदन के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन की रणनीति पर भी काम कर रही है।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इस बार कुल 1,033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न प्रस्तुत किए हैं। खास बात यह है कि सवाल पूछने वालों में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं।
क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव?
अविश्वास प्रस्ताव पूरी सरकार के खिलाफ लाया जाता है। विपक्ष किसी एक या कई मुद्दों को आधार बनाकर यह प्रस्ताव पेश करता है। प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद सदन में सरकार के कामकाज पर चर्चा होती है और मतदान के जरिए यह तय किया जाता है कि सरकार को सदन का बहुमत और विश्वास प्राप्त है या नहीं।



