‘छत्तीसगढ़ में तीन साल में 570 किसानों ने की खुदकुशी…मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं’ गृहमंत्री ने सदन में दिया जवाब
रायपुर:
विधानसभा में किसानों की मौत का मामला गुंजा। बीजेपी विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने पूछा कि जनवरी 2019 से फरवरी 2022 तक कितने किसानों ने आत्महत्या की है ,और उनको सरकार ने कितना मुआवजा दिया ? इस पर मंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 3 साल में अलग अलग वजहों से 570 किसानों ने आत्महत्या की है। लेकिन उनको किसी तरह का मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है। जो भी राहत राशि दी जाती है तो वो सीएम के विशेषाधिकार के रूप में होती है। साथ ही मंत्री ने बताया कि किसानों की आत्महत्या के मामले पहले के मुकाबले कम हुए हैं।
वहीं मरवाही वन मंडल में पुलिया और स्टॉपडेम निर्माण में अनियमितता का मामला सदन में गूंजा। विधायक गुलाब कमरो ने ध्यानाकर्षण के जरिए ये मामला उठाया । पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने माना की गड़बड़ी हुई है। मंत्री सिंहदेव ने सदन में जिला पंचायत CEO गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित 14 वन अधिकारियों और कर्मचारियों के निलंबन की घोषणा की। गड़बड़ी करने वाले एक तत्कालीन डीएफओ के खिलाफ़ कार्रवाई की अनुशंसा समन्वय में भेजी जाएगी। इसके अलावा शासन को पहुंचाई गई आर्थिक क्षति की राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी।
वहीं शून्यकाल में भाजपा विधायकों ने कानून व्यवस्था का मामला उठाया। बीजेपी नेताओं ने सांसद रामविचार नेताम के घर चोरी, महासमुंद में ASI की हत्या, बच्चे के अपहरण समेत आपराधिक मामलों पर काम रोककर चर्चा कराने की मांग की। जिसे नकारे जाने के पर विपक्ष की नारेबाजी की वजह से 5 मिनट तक कार्रवाई रोकनी पड़ी।साथ ही कोरोना के दौरान रायपुर के इनडोर स्टेडियम में बनाए गए कोविड सेंटर में भ्रष्टाचार का मामला भी सदन में उठा। जिसपर मंत्री ने जांच कराने की बात कही। इसके अलावा श्रमिकों के कल्याण, निर्माण में भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने उठाए। जिनपर चर्चा के बाद मंत्री ने जांच के आश्वासन दिए।



