पद्मश्री फुलबासन यादव के अपहरण की साजिश नाकाम SP की टीम ने बीच सड़क पर दबोचे किडनैपर को
*खाकी का ‘सुपर’ एक्शन*
*आरोपी जबरन ले जा रहे थे किडनैपिंग कर*
*पांच आरोपी में चार आरोपी बेमेतरा के है*
राजनांदगांव पुलिस ने अपनी सूझबूझ और ‘विजिबल पुलिसिंग’ का ऐसा लोहा मनवाया है कि आज पूरे प्रदेश में उनकी चर्चा हो रही है। जिले की पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक बड़ी अनहोनी को टालते हुए देश की जानी-मानी समाजसेविका पद्मश्री श्रीमती फुलबासन देवी यादव को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सुरक्षित मुक्त करा लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब आरोपी उन्हें जबरन स्कॉर्पियो में डालकर ले जा रहे थे।
*चेकिंग पॉइंट पर ऐसे फंसी ‘किडनैपर्स’ की गाड़ी*
घटना कल सुबह लगभग 11:00 बजे की है। गठुला रोड पर ट्रैफिक निरीक्षक नवरत्न कश्यप और उनकी टीम (आरक्षक कपिल श्रीवास्तव व सुखदेव साहू) रूटीन वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो (CG08/Z/2334) वहां से गुजरी। पुलिस को गाड़ी की गतिविधि संदिग्ध लगी, जिस पर उसे तुरंत रोका गया।
जब पुलिस ने गाड़ी की खिड़की से भीतर झांका, तो पीछे बैठी एक महिला (फुलबासन देवी) काफी डरी-सहमी और असामान्य स्थिति में दिखीं। जब पुलिस ने पूछताछ की, तो गाड़ी चला रहे आरोपियों ने शातिराना अंदाज में झूठ बोला कि “महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है और वे उसे अस्पताल ले जा रहे हैं।”
*पद्मश्री का साहस और पुलिस की पारखी नजर*
आरोपियों के झांसे में आए बिना पुलिस टीम ने अपनी जांच जारी रखी। इसी बीच, श्रीमती फुलबासन देवी ने गजब का साहस दिखाया और खामोशी से पुलिस को मदद के लिए इशारा कर दिया। इशारा मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को गाड़ी से नीचे उतारा। सख्ती से पूछताछ करने पर सच सामने आ गया—गाड़ी में कोई बीमार मरीज नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की शान पद्मश्री फुलबासन देवी थीं, जिन्हें डरा-धमकाकर अगवा किया गया था।
*मिर्ची स्प्रे और जान से मारने की धमकी*
पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने उन्हें बहला-फुसलाकर गाड़ी में बिठाया था और फिर मिर्ची स्प्रे दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी उन पर महिला समूह और अन्य कार्यों को लेकर अनुचित दबाव बना रहे थे। पुलिस ने मौके से आरोपियों के पास से मिर्ची स्प्रे, मोबाइल फोन और स्कॉर्पियो जब्त कर ली है।
*ये हैं सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी*
पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं:
खुशबू साहू (बेमेतरा),सलोनी महेश्वरी (बेमेतरा),दिनेश बंजारे (बेमेतरा),गोपाल खेलवार (दुर्ग),चिनक राम साहू (बेमेतरा)
इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (140, 351, 61) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
*पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा का ‘एक्शन प्लान’ आया काम*
जिले की कमान संभाल रहीं SP अंकिता शर्मा ने इस सफलता का श्रेय ग्राउंड पर तैनात जवानों की सतर्कता को दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध को होने से रोकना भी है। IG श्री बालाजी राव और SP अंकिता शर्मा ने इस जांबाज टीम को विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की है।
*”राजनांदगांव पुलिस की यह सफलता ‘Visible-Active-Effective Policing’ का सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारी टीम की सजगता ने एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को सुरक्षित बचाकर खाकी का मान बढ़ाया है।”*
— पुलिस प्रशासन, राजनांदगांव
इस घटना के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पद्मश्री फुलबासन देवी अब सुरक्षित हैं और उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है। शहरवासी पुलिस के इस ‘रियल लाइफ हीरो’ वाले अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं।



