बलौदाबाजार में नकली डीएपी खाद का बड़ा खेल उजागर, 13 बोरी संदिग्ध खाद जब्त
किसानों को असली डीएपी बताकर बेच रहे थे नकली खाद, आरोपी मौके से फरार
बलौदाबाजार। जिले के गिधपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुंद्रावन में नकली डीएपी खाद बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। ग्रामीणों की सतर्कता और सूचना पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 13 बोरी संदिग्ध खाद, 12 बोतल ह्यूमिक एसिड और एक पिकअप वाहन जब्त किया है। हालांकि कार्रवाई के दौरान आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
ग्रामीणों को हुआ शक, खुला पूरा मामला
जानकारी के अनुसार ग्राम सुंद्रावन में कुछ लोग रात के समय किसानों को डीएपी खाद के नाम पर खाद बेच रहे थे। ग्रामीणों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने वाहन को रोककर पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान हंगामा बढ़ता देख आरोपी खेतों की ओर भाग निकले।
60 बोरी नकली खाद लेकर पहुंचे थे आरोपी
ग्रामीणों नीलकमल आजाद और कृष्णा आजाद ने बताया कि आरोपी हरियाणा से करीब 60 बोरी नकली खाद लेकर आए थे। इनमें से 47 बोरी खाद पहले ही किसानों को लगभग 1400 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा चुकी थी। शेष 13 बोरियां बेचने के लिए वे सुंद्रावन पहुंचे थे।
असली डीएपी जैसी पैकिंग से किसानों को बना रहे थे शिकार
खाद निरीक्षक सुचिन वर्मा के अनुसार गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। नकली खाद की पैकिंग और दानों को असली डीएपी जैसा बनाया गया था, जिससे किसानों के लिए इसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खाद में ऑर्गेनिक सामग्री और ह्यूमिक एसिड जैसे सस्ते पदार्थ मिलाए गए थे। ऐसे उत्पाद फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।
प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
ग्रामीणों की सूचना मिलने पर एसडीएम दीपक निकुंज ने तत्काल नायब तहसीलदार ईश्वर केवट और खाद निरीक्षक की टीम को मौके पर भेजा। अधिकारियों ने संदिग्ध खाद, ह्यूमिक एसिड की बोतलें और पिकअप वाहन जब्त कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
जब्त खाद के नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से की गई सावधानी बरतने की अपील
एसडीएम दीपक निकुंज ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत दुकानों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें। किसी भी बाहरी व्यक्ति या संदिग्ध स्रोत से उर्वरक खरीदने से बचें।
उन्होंने कहा कि नकली खाद का उपयोग फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और किसानों को आर्थिक हानि भी उठानी पड़ सकती है।
डीएपी की कमी का उठा रहे फायदा
क्षेत्र में डीएपी खाद की कमी के चलते ऐसे गिरोह सक्रिय हो गए हैं, जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर नकली उत्पाद बेच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और नकली खाद की तस्करी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।



