
मांड नदी में डूबने से हाथी के बच्चे की मौत
रायगढ़। जिले के खरसिया वन क्षेत्र में एक हाथी के बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मांड नदी पार करते समय हाथी का शावक गहरे पानी में फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
झुंड के साथ नदी पार कर रहा था शावक
जानकारी के अनुसार खरसिया वन परिक्षेत्र के गुर्दा क्षेत्र के आसपास हाथियों का एक दल विचरण कर रहा था। इसी दौरान नदी पार करते समय एक शावक पानी में फंस गया। काफी प्रयास के बावजूद वह बाहर नहीं निकल सका और उसकी मौत हो गई।
वन अमले ने किया मौके का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। शावक के शव का निरीक्षण कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। साथ ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
लगातार घटनाओं से बढ़ी चिंता
रायगढ़ और आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। ऐसे में हाल के महीनों में हाथी शावकों की मौत की घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विभाग अब संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की तैयारी में जुटा है।
विशेषज्ञों की ली जा रही मदद
वन विभाग हाथियों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों के अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की मदद भी ले रहा है। उद्देश्य यह है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और हाथियों के सुरक्षित आवागमन की बेहतर व्यवस्था की जा सके।
नदी और जल स्रोतों का होगा सर्वे
अधिकारियों के अनुसार जिन क्षेत्रों में हाथियों का नियमित आवागमन रहता है, वहां नदी, नालों और जल स्रोतों का सर्वे कराया जाएगा। संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर सुरक्षा संबंधी उपाय किए जाएंगे।
फिलहाल, हाथी के शावक की मौत की जांच जारी है। वन विभाग घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।


