रायगढ़: जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक की मांग, रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

रायगढ़, 23 जुलाई। रज़ा यूनिटी फाउंडेशन (आरयूएफ) की जिला इकाई रायगढ़ ने गुरुवार को जिला प्रशासन के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग की। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं संवैधानिक प्रक्रिया के तहत समीक्षा कराने का भी आग्रह किया।

ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा संस्थानों का संरक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि किसी विश्वविद्यालय के निर्माण, भूमि, मानचित्र या प्रशासनिक प्रक्रिया में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो उसका समाधान विधिक प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। इमारतों को ध्वस्त करने जैसे कठोर कदम का सीधा असर विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों पर पड़ता है।

संगठन ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय हजारों विद्यार्थियों की शिक्षा, शोध और रोजगार का महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रस्तावित ध्वस्तीकरण से विद्यार्थियों की पढ़ाई, शैक्षणिक सत्र, शोध कार्य और कर्मचारियों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले सभी पक्षों को सुनना और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना आवश्यक है।

ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई कि प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। यदि किसी प्रकार की तकनीकी, भूमि अथवा प्रशासनिक कमी है तो उसका समाधान वैधानिक प्रक्रिया, नियमितीकरण अथवा न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप किया जाए। साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराकर तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने का आग्रह किया गया।

रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष वसीम खान ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान से जुड़े विवाद का समाधान संवैधानिक मूल्यों, न्यायिक प्रक्रिया और मानवीय दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य कानून का विरोध करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी निर्णय से विद्यार्थियों की शिक्षा और कर्मचारियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष वसीम खान के साथ मंजूर खान, असरफ खान, कुद्दूस खान, शमशेर खान, जैनुल खान, जुनैद खान, चांद खान और शाहीद खान मौजूद रहे।

Back to top button