रायगढ़ में इंडेन गैस एजेंसी में बड़ी गड़बड़ी, रिकॉर्ड से 816 सिलेंडर कम मिले; 4 पर FIR

रायगढ़। जिंदल परिसर के गेट नंबर-2 स्थित इंडेन गैस एजेंसी में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के स्टॉक और वितरण में अनियमितता सामने आई है। कलेक्टर न्यायालय के आदेश के बाद खाद्य विभाग की ओर से किए गए भौतिक सत्यापन में रिकॉर्ड की तुलना में 816 सिलेंडर कम पाए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 72 हजार 150 रुपये बताई गई है।

जांच के आधार पर खाद्य विभाग की शिकायत पर कोतरा रोड पुलिस ने एजेंसी से जुड़े चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रिकॉर्ड से 816 सिलेंडर कम

जानकारी के अनुसार, मार्च में कलेक्टर के निर्देश पर सहायक खाद्य अधिकारी अंजनी कुमार राव और खाद्य निरीक्षक चूड़ामणी सिदार की टीम ने गैस एजेंसी और उसके गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध सिलेंडरों का मिलान किया गया।

जांच में 14.2 किलो के 633 भरे घरेलू गैस सिलेंडर कम पाए गए। इसके अलावा 19 किलो के 56 भरे और 127 खाली व्यावसायिक सिलेंडर भी रिकॉर्ड की तुलना में कम मिले। इस तरह कुल 816 सिलेंडरों की कमी सामने आई।

1,878 उपभोक्ताओं को डिलीवरी नहीं मिलने का मामला

जांच के दौरान गैस रिफिल की बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई। बताया गया कि कई उपभोक्ताओं के रिफिल के इनवॉइस जनरेट हुए थे, लेकिन उन्हें वास्तविक रूप से सिलेंडर नहीं मिला।

मौके पर पहुंचे उपभोक्ताओं और फोन पर प्राप्त शिकायतों की जांच में ऐसे 1,878 उपभोक्ता सामने आए। जांच में यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में उपभोक्ता को सिलेंडर दिए बिना ही ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसकी डिलीवरी दर्ज कर दी गई थी।

गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था में भी मिली कमियां

भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था में भी खामियां दर्ज की गईं। निरीक्षण में सुरक्षा द्वार नहीं मिला। परिसर में सूखे पत्ते बिखरे हुए थे और वहां केवल एक अग्निशमन यंत्र उपलब्ध पाया गया।

एजेंसी प्रभारी समेत चार लोगों पर मामला दर्ज

खाद्य विभाग की जांच में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के प्रावधानों के उल्लंघन के तथ्य सामने आने के बाद सहायक खाद्य अधिकारी की शिकायत पर कोतरा रोड पुलिस ने मामला दर्ज किया।

FIR में टीकाराम पटेल (एजेंसी प्रभारी), भजराम धोबी (गोदाम प्रभारी), चेतन बरेठ (कंप्यूटर ऑपरेटर) और आशीष गेरा (जिंदल प्रबंधन के अधिकारी) को नामजद किया गया है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान स्टॉक में कमी, रिकॉर्ड में दर्ज डिलीवरी और उपभोक्ताओं को वास्तविक आपूर्ति नहीं होने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

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