रायगढ़ में फॉर्च्यून मैदा और जैन चुस्की चाय के संबंधित बैच की बिक्री पर रोक, जांच में तय सीमा से अधिक कीटनाशक
रायगढ़, 29 सितंबर 2026। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रयोगशाला जांच में निर्धारित मानक से अधिक कीटनाशक अवशेष पाए जाने के बाद फॉर्च्यून मैदा और जैन चुस्की चाय के संबंधित बैचों की बिक्री और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को प्रभावित स्टॉक बाजार से वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ से मिले निर्देशों के तहत की गई है।
फॉर्च्यून मैदा में क्लोरपाइरीफॉस तय सीमा से अधिक
फॉर्च्यून मैदा के बैच नंबर FAMD55O059A की जांच में क्लोरपाइरीफॉस की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक मिली। यह उत्पाद मेसर्स अनिरुद्ध फूड लिमिटेड, ग्राम करवत, पोस्ट दांडी, तहसील चंदौली, उत्तर प्रदेश द्वारा निर्मित है।
काली-लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल की 24 जुलाई 2026 की जांच रिपोर्ट के अनुसार मैदा में क्लोरपाइरीफॉस की मात्रा 0.014 पीपीएम पाई गई, जबकि निर्धारित सीमा 0.01 पीपीएम है। इसके आधार पर संबंधित बैच को असुरक्षित घोषित किया गया।
इस बैच की निर्माण तिथि 28 फरवरी 2026 और अवसान तिथि 27 अगस्त 2026 दर्ज है।
जैन चुस्की चाय में 18 गुना अधिक एसीटामिप्रिड
जैन चुस्की चाय के बैच नंबर CH 653, 175 ग्राम पैक की जांच में भी निर्धारित सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष पाया गया। संबंधित निर्माता/विक्रेता मेसर्स जैन ट्रेडर्स, आकृति विहार, अमलीडीह, रायपुर है।
राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला, कोलकाता की 30 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार चाय में एसीटामिप्रिड की मात्रा 0.18 पीपीएम मिली, जबकि निर्धारित सीमा 0.01 पीपीएम है। यानी निर्धारित सीमा की तुलना में इसकी मात्रा 18 गुना अधिक पाई गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर इस बैच को भी असुरक्षित घोषित करते हुए इसकी बिक्री और वितरण पर रोक लगाई गई है। विभाग ने संबंधित कारोबारियों से बाजार में उपलब्ध प्रभावित स्टॉक को तत्काल वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं।