रायगढ़ में मवेशियों से भरी 3 पिकअप पकड़ाई, पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश; 6 आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़। जिले के कोतरारोड थाना क्षेत्र में पुलिस ने मवेशियों की कथित अवैध तस्करी के मामले में तीन पिकअप वाहनों को पकड़ा है। वाहनों में कुल 6 गौवंश मिले। पुलिस के अनुसार, नाकेबंदी के दौरान पिकअप चालकों ने वाहनों को पुलिसकर्मियों की ओर बढ़ाकर भागने की कोशिश की और एक सरकारी वाहन को भी टक्कर मारी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गया।
झारखंड ले जाने की सूचना पर की गई नाकेबंदी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीन सफेद पिकअप वाहनों में गौवंशों को भरकर ग्राम सरवानी से रायगढ़ होते हुए झारखंड ले जाया जा रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सरवानी-कुलबा मुख्य मार्ग पर घेराबंदी की। सुबह करीब 5 बजे तीन संदिग्ध पिकअप वाहन वहां पहुंचते दिखाई दिए।
रोकने पर पुलिसकर्मियों की ओर बढ़ाए वाहन
पुलिस के मुताबिक, वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया तो तीनों पिकअप के चालकों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की ओर वाहन बढ़ाकर निकलने की कोशिश की। इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने किसी तरह खुद को बचाया।
आरोप है कि भागने के प्रयास में पुलिस के सरकारी वाहन को भी टक्कर मारी गई। इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा कर तीनों पिकअप को रोक लिया।
तीनों वाहनों से मिले दो-दो गौवंश
पहले पिकअप से दो गौवंश मिले। पुलिस ने वाहन चालक नकुल साहू (27), निवासी उमड़ा नकटीटोली, गुमला और उसके साथ मौजूद शिवा कुमार साहू (23), निवासी डीएसपी रोड, गुमला को पकड़ा।
दूसरे वाहन से दो गौवंश बरामद हुए। इसके चालक आदित्य महतो (22), निवासी हेसराग, गुमला और उसके साथी रूपेश लहरे (22), निवासी आरू, लोहरदगा को गिरफ्तार किया गया।
तीसरे पिकअप में भी दो गौवंश मिले। पुलिस ने चालक राम महतो (21), निवासी घाटा, लोहरदगा और उसके साथ मौजूद राजू सतनामी (30), निवासी सरवानी, कोतरारोड को गिरफ्तार किया।
गुमला ले जाने की बात सामने आई
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने मवेशियों को लोड कर झारखंड के गुमला ले जाने की बात बताई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में ललित नाम का एक अन्य व्यक्ति मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
17.50 लाख रुपये का सामान जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 6 गौवंश और तीन पिकअप वाहन जब्त किए हैं। गौवंशों की अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये, जबकि तीनों वाहनों की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह कुल जब्ती करीब 17.50 लाख रुपये की बताई गई है।
पुलिस ने मवेशियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर आवश्यक प्रक्रिया के तहत रखा है। आरोपियों से उनके परिवहन और संबंधित वैध दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की गई।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, नाकेबंदी के दौरान पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने और सरकारी वाहन को टक्कर मारकर भागने के प्रयास को लेकर कोतरारोड थाने में BNS की धारा 281, 221, 132 और 109(1) के साथ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4 और 6 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस ने तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही
एसएसपी शशि मोहन के मुताबिक, ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौवंशों की अवैध तस्करी और पशुओं के साथ क्रूरता के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गौवंशों की अवैध तस्करी या पशुओं के साथ क्रूरता से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।











