रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर शिक्षिका से 2 लाख की ठगी, रेलकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज

बिलासपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक संविदा शिक्षिका से 2 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सरकारी नौकरी की उम्मीद में शिक्षिका ने बैंक से लोन लेकर रकम दी थी, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रेलवे कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, तोरवा निवासी इशिता बासु वर्तमान में मुंगेली जिले के लालपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संविदा शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनकी पहचान गजाधर सिंह नामक व्यक्ति से हुई थी, जो रेलवे में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत है। आरोपी ने खुद को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से करीबी संबंध रखने वाला बताते हुए शिक्षिका को रेलवे में बंगला प्यून के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।

किस्तों में ट्रांसफर किए 2 लाख रुपये

आरोपी ने नौकरी लगवाने के एवज में 2 लाख रुपये की मांग की। उसकी बातों पर विश्वास कर शिक्षिका ने 21 सितंबर 2024 से 24 सितंबर 2024 के बीच अलग-अलग किस्तों में फोन-पे के माध्यम से आरोपी के बैंक खाते में कुल 2 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

न नौकरी मिली, न लौटे पैसे

पैसे देने के बाद कई महीने बीत जाने पर भी नौकरी संबंधी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। जब पीड़िता ने आरोपी से जानकारी मांगी तो वह लगातार टालमटोल करता रहा और जल्द नियुक्ति होने का आश्वासन देता रहा।

संदेह होने पर शिक्षिका ने रेलवे विभाग में स्वयं जानकारी जुटाई, जहां पता चला कि रेलवे में बंगला प्यून पद के लिए न तो कोई भर्ती प्रक्रिया चल रही थी और न ही किसी प्रकार की वैकेंसी जारी की गई थी। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।

लोन लेकर दिए थे पैसे

पीड़िता ने बताया कि इतनी बड़ी राशि जुटाने के लिए उन्होंने एक ऑनलाइन फाइनेंस कंपनी से 2 लाख 25 हजार रुपये का व्यक्तिगत ऋण लिया था। नौकरी नहीं मिलने के बावजूद वह पिछले डेढ़ वर्ष से लोन की मासिक किस्तें चुकाने को मजबूर हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद तोरवा पुलिस ने आरोपी रेलवे कर्मचारी गजाधर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी नौकरी या भर्ती के नाम पर किसी व्यक्ति को पैसे देने से पहले संबंधित विभाग से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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