अदिवासी आरक्षण पर बोले CM: भूपेश ने कहा- संविधान में जो प्रावधान है, वो सबको मिलेगा, उप चुनाव हम जीत रहे

CM भूपेश ने कहा कि, जनजातियों के लिए लाई गई योजनाओं से लोगों को संतोष मिला है। इस साल धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू हो गई है। इस बार अरहर, उडद और मूंग की भी खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पैरादान के लिए अपील करते हुए कहा कि, धरती के लिए और पशुधन के लिए यह बहुत अच्छा है।

छत्तीसगढ़ में इन दिनों आदिवासी आरक्षण को लेकर सियासत गरमाई हुई है। राज्य सरकार ने इसके लिए एक और दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, संविधान में जो आरक्षण संबंधी प्रावधान है, वो सबको मिलेगा। वहीं भानुप्रतापपुर उपचुनाव में भी उन्होंने जीत का दावा किया है। कहा कि हर उप चुनाव की तरह इस सीट पर भी कांग्रेस की ही जीत होगी। मुख्यमंत्री बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत राजनांदगांव जिले के दौरे पर हैं।

तेंदूपत्ता भुगतान मामले की होगी जांच
अंबागढ़ चौकी रेस्ट हाउस में गुरुवार को मीडिया से बात करने के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि, वे खुज्जी विधानसभा के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में छुरिया और चिल्हाटी पहुंचे, लोगों से मिले। उनकी समस्याएं सुनीं। पहले ही भेंट मुलाकात में अधिकारियों से स्पष्ट कहा था कि जमीन पर अच्छा काम होना चाहिए। तेंदूपत्ता भुगतान से संबंधी शिकायत कल आई थी। इस पर आठ दिन के भीतर प्रत्येक संग्राहकों से पूरी जानकारी ली जाएगी और मामले की जांच होगी।

नदियों के पुनर्जीवन के लिए काम कर रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मुद्दा पानी का आया था, उस पर अधिकारियों से जानकारी ली है। शिवनाथ नदी के संरक्षण पर सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमारा मानना है कि, नदी बारहमासी हो। इसके लिए उनके पुनर्जीवन पर काम हो रहा है। नदी का प्रवाह बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि, नरवा योजना से तेजी से रिचार्ज हो रहा है। इकोसिस्टम पूरी तरह से ठीक होगा। वहीं कहा कि, हम लगातार रूरल इंडस्ट्रियल पार्क आदि योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण उद्योग को मजबूत कर रहे हैं।

जिला बनने के बाद से लोगों का नजरिया बदला
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला बनने से तेजी से जिला स्तरीय अधोसंरचना बनती है। सभी सुविधाएं यहां शीघ्र मिलेंगी। अब बिल्कुल छोटे कस्बों में भी बाइक शो रूम खुल गए। बाइक है तो सड़क चाहिए। अब सड़क का विरोध नहीं होता। उन्होंने कहा कि लोगों का नजरिया बदला है। लोगों को रोजगार मिला है। दंतेवाड़ा में डैनेक्स की फैक्ट्री है, वहां 1500 लोग काम कर रहे हैं। कटेकल्याण में मुझे बताया गया कि महुवा लोग नेट में संकलित करती हैं।

गांव में डायबिटीज के मरीज क्यों, इस पर होगी जांच
इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अफसरों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने मौसमी बीमारी का उपचार करने को कहा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शुगर के मरीज बढ़ने पर स्क्रीनिंग करने के निर्देश। मुख्यमंत्री ने कहा कि, डायबिटीज की बीमारी के केस हाट बाजार में ज्यादा आ रहे हैं। ये लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारी अधिक है। गांव में तो लोग मेहनतकश होते हैं। इसके बारे में देखिए, पड़ताल कीजिए। वहीं पेयजल में आयरन मिश्रण होने की जानकारी पर आयरन रिमूवर मशीन लगाने के निर्देश दिए।

सुपोषण वाटिकाएं बनाएं अधिकारी
मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि सुपोषण के मामले में व्यवहार परिवर्तन बहुत जरूरी है। काउंसिलिंग करें, सुपोषण वाटिकाएं बनाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए आंगनबाड़ियों में पर्याप्त जगह है। वहां सुपोषण वाटिकाएं बनाएं। बच्चों को बताएं कि यह वाटिका उनके पोषण के लिए कितनी उपयोगी है। घर में भी बच्चों को अच्छा भोजन मिले, इसके लिए परिवार जनों की काउंसलिंग करें। पोषण के लिए अंडे का उत्पादन स्थानीय समूह ही करें। इससे पोषण भी मजबूत होगा और आय भी बढ़ेगी।

अफसरों को फटकार भी लगाई
मुख्यमंत्री ने योजनाओं का क्रियान्वयन सही नहीं होने पर अफसरों को फटकार लगाते हुए नाराजगी जाहिर की। मानपुर एसडीएम से पूछा कि कितने हॉस्टल का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि दो। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, हॉस्टल का इशु तो सबसे सेंसिटिव होता है, इसकी फ्रीक्वेंसी बढ़े। उन्होंने डीएफओ से तेंदू पत्ता संग्राहकों की शिकायत को लेकर सवाल किया। फिर इसे गंभीर शिकायत बताते हुए कहा कि इसमें पावती वाला कुछ सिस्टम करें और फीडबैक लें। इससे होगा ये कि भुगतान किसी तकनीकी कारण से नहीं आया हो तो पता चल जाएगा

स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हुए नाराज
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, कल भेंट-मुलाकात में मैंने देखा कि तेंदूपत्ता के मामले में जनप्रतिनिधियों को भी मालूम नहीं था। अधिकारियों को भी नहीं। ये बहुत अप्रिय बात है। इसका मतलब यह है कि जमीनी स्तर पर आपका संपर्क नहीं है। मुख्यमंत्री बघेल के सामने सीसीएफ ने अपनी बात रखी। बताया कि पेमेंट आ चुका था, लेकिन पत्नी को मालूम नहीं था। भुगतान हो चुका है। हमने पासबुक से डिटेल निकाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, जहां कहीं भी अंतर पाया गया जांच में, प्रबंधकों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 दिन में रिपोर्ट दें।

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