साइबर जागृति अभियान: भूपदेवपुर पुलिस ने राहगीरों को बताए साइबर ठगी से बचाव के तरीके
रायगढ़, 27 सितंबर 2026। साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को लेकर रायगढ़ जिले में पुलिस का जागरूकता अभियान जारी है। “साइबर जागृति अभियान” के सातवें सप्ताह में भूपदेवपुर पुलिस ने मुख्य मार्ग पर लोगों को एकत्रित कर साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी।
पुलिस ने नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, OTP फ्रॉड, UPI ठगी, फर्जी KYC कॉल, QR कोड, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन नौकरी और निवेश के नाम पर ठगी सहित साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि बैंक, पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी के नाम पर फोन कर OTP, ATM/CVV, UPI PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी मांगने वाले व्यक्ति के साथ ऐसी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने, APK या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने और बिना जानकारी के QR कोड स्कैन करने से भी बचने की सलाह दी गई।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सतर्क
जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के मामलों को लेकर भी लोगों को सचेत किया। बताया गया कि साइबर ठग पुलिस, CBI, ED, RBI जैसी एजेंसियों का अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल करते हैं और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगते हैं। पुलिस के अनुसार, ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय कॉल काटकर संबंधित विभाग या पुलिस से आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर देरी न करें। तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को तत्काल सूचना देकर संदिग्ध लेनदेन रोकने का प्रयास करें।
27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक गांव-गांव लगेगी साइबर चौपाल
अभियान के सातवें सप्ताह में 27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में “साइबर चौपाल” आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से पुलिस आम लोगों से सीधे संवाद कर साइबर ठगी के तरीकों और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी देगी।
भूपदेवपुर पुलिस के इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाना और लोगों को ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्क करना है।
