अमृत भारत स्टेशन योजना से बदलेगी रायगढ़ रेलवे स्टेशन की सूरत: कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने किया निरीक्षण, जुलाई अंत तक काम पूरे करने के निर्देश
छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार माना जाने वाला रायगढ़ रेलवे स्टेशन आने वाले दिनों में पूरी तरह से नए, आधुनिक और आकर्षक स्वरूप में नजर आएगा। केंद्र सरकार की ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत स्टेशन परिसर में व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण, उन्नयन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इन विकास कार्यों की जमीनी हकीकत और प्रगति का जायजा लेने के लिए रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज रेलवे के उच्च अधिकारियों, नगर निगम आयुक्त और रायगढ़ एसडीएम के साथ स्टेशन परिसर का सघन निरीक्षण किया। कलेक्टर ने सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ जुलाई 2026 के अंत तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के ‘प्रवेश द्वार’ को मिल रहा है आधुनिक वास्तुशिल्प का रूप
निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अंतर्गत रायगढ़ एक बेहद प्रमुख और व्यस्त रेलवे स्टेशन है। ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले रेल यात्रियों के लिए यह जिला एक मुख्य लाइफलाइन और प्रवेश द्वार की भूमिका निभाता है। प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार (मेन एंट्री गेट) को आधुनिक वास्तुशिल्प (Modern Architecture) के अनुरूप नया और भव्य स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे यात्रियों को स्टेशन पहुंचते ही एक सुखद अहसास हो सके।
रायगढ़ और बेलपहाड़ स्टेशनों के कायाकल्प के लिए ₹12 करोड़ स्वीकृत
रेलवे के तकनीकी अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि रायगढ़ और बेलपहाड़ रेलवे स्टेशनों के संयुक्त विकास, अधोसंरचना को मजबूत करने और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल **12 करोड़ रुपये** की राशि स्वीकृत की गई है। इस बजट से दोनों स्टेशनों पर निम्नलिखित विश्वस्तरीय और आधुनिक बदलाव किए जा रहे हैं:
- हाईटेक वेटिंग हॉल और बुकिंग ऑफिस: प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के यात्रियों के लिए वीआईपी सुविधाओं से लैस आधुनिक वेटिंग रूम और कंप्यूटरीकृत बुकिंग कार्यालय का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
- व्यवस्थित पार्किंग जोन: स्टेशन के बाहर वाहनों के अनियंत्रित जमावड़े को रोकने के लिए दोपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहनों (ऑटो/टैक्सी) के लिए अलग-अलग व्यवस्थित पार्किंग स्लॉट बनाए जा रहे हैं।
- जल निकासी और पहुंच मार्ग: मानसून और भारी बरसात के दिनों में स्टेशन परिसर में होने वाले जलभराव (वाटर लॉगिंग) से निपटने के लिए एक प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जा रहा है। साथ ही, शहर की मुख्य सड़क से स्टेशन तक आने वाले पहुंच मार्ग को चौड़ा और सुगम बनाया जा रहा है।
- हरित विकास और आधुनिक लाइटिंग: पूरे स्टेशन परिसर को पर्यावरण अनुकूल (Green Development) बनाने के लिए पौधारोपण, आकर्षक साज-सज्जा और रात के वक्त स्टेशन को चमकाने के लिए आधुनिक एलईडी लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है।
स्टेशन की छवि से बनती है जिले की पहली छाप: कलेक्टर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म सर्कुलेटिंग एरिया और यात्री प्रतीक्षालयों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले में बाहर से आने वाले किसी भी यात्री पर पहली छाप (First Impression) यहां के रेलवे स्टेशन को देखकर ही बनती है। इसलिए इसका विकास केवल ईंट-पत्थर के ढांचे को सुधारना नहीं है, बल्कि यह पूरे जिले की गरिमा, पहचान और छवि से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील विषय है।
उन्होंने नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेलवे प्रशासन के साथ बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करें, ताकि निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद रायगढ़ रेलवे स्टेशन न केवल छत्तीसगढ़ के गौरव को बढ़ाएगा, बल्कि आम जनता को सुरक्षित, सुगम और आधुनिक यात्रा का एक नया अनुभव प्रदान करेगा।



