महतारी वंदन योजना: छत्तीसगढ़ में अव्वल रायगढ़ अब शत-प्रतिशत ई-केवाईसी के लक्ष्य की ओर, वृद्ध और दिव्यांग महिलाओं का घर बैठे हो रहा वेरिफिकेशन
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं को लाभान्वित करने के लिए रायगढ़ जिले में एक अनूठी और बेहद संवेदनशील पहल शुरू की गई है। कलेक्टर के विशेष दिशा-निर्देशन में अब जिला प्रशासन का मैदानी अमला उन महिलाओं के घर-घर पहुंच रहा है, जो वृद्धावस्था, शारीरिक अस्वस्थता या दिव्यांगता के कारण ई-केवाईसी (e-KYC) केंद्रों तक आने में पूरी तरह असमर्थ हैं। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले की कोई भी पात्र विवाहित महिला इस कल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
प्रदेश के सभी 33 जिलों में 96.47% ई-केवाईसी के साथ रायगढ़ शीर्ष पर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए चलाई जा रही इस योजना के क्रियान्वयन में रायगढ़ जिला पूरे छत्तीसगढ़ में मिसाल बनकर उभरा है। हाल ही में जारी राज्य स्तरीय प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, रायगढ़ जिले ने रिकॉर्ड **96.47 प्रतिशत** ई-केवाईसी का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण करते हुए प्रदेश के सभी 33 जिलों में पहला (शीर्ष) स्थान हासिल किया है। वर्तमान में जिला प्रशासन इस आंकड़े को लगभग 97 प्रतिशत तक पहुंचा चुका है और अब अंतिम चरण में शत-प्रतिशत (100%) लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुस्तैदी से जुटा हुआ है।
घर-घर पहुंच रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और वीएलई (VLE) की संयुक्त टीम
इस अभियान को पूरी तरह से सफल और त्रुटिहीन बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सेक्टरवार और ग्रामवार ऐसी महिलाओं की बकायदा सूची तैयार की गई है, जिनका ई-केवाईसी किन्हीं कारणों से लंबित है। विभाग के परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर (पर्यवेक्षक), आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई (VLE) की संयुक्त टीमें गांवों और शहरी वार्डों के मोहल्लों में सीधे हितग्राहियों के चौखट पर पहुंच रही हैं। मौके पर ही बायोमेट्रिक और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का लाइव सत्यापन कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया को ऑन-स्पॉट पूरा किया जा रहा है।
रानीसागर खड़ियापारा में अस्वस्थ महिलाओं का हुआ ऑन-स्पॉट वेरिफिकेशन
इसी जमीनी कवायद के तहत रायगढ़ के रानीसागर खड़ियापारा क्षेत्र में विभाग की टीम ने विशेष दौरा किया। यहां गंभीर रूप से अस्वस्थ तीन महिलाओं के घर पहुंचकर वीएलई के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया कराई गई। इनमें से दो महिलाओं का वेरिफिकेशन सफलता पूर्वक सबमिट हो गया, जबकि एक महिला के प्रकरण में आए तकनीकी एरर को सुधारने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
पारदर्शिता और वास्तविक हितग्राहियों को निर्बाध लाभ पहुंचाना प्राथमिकता
गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की विवाहित पात्र महिलाओं को प्रति माह **1,000 रुपये** (यानी सालाना 12,000 रुपये) की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है। इस पूरी भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और बिचौलियों से मुक्त बनाए रखने के लिए ही शासन द्वारा ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है।
रायगढ़ जिला प्रशासन ने अभियान के इस अंतिम दौर में तकनीकी गड़बड़ियों और लंबित पड़े हुए मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष फोकस किया है। मैदानी अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक व्यक्तिगत रूप से संपर्क स्थापित किया जाए ताकि जिले की मातृशक्ति को बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे उनके हक की राशि निर्बाध रूप से मिलती रहे।



