अमेरिका ने 5 और ईरानी तेल टैंकर किए तबाह, ईरान की चेतावनी से बढ़ा तनाव
अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल हमले के बाद कार्रवाई, ईरान ने क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी
नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट करने की जानकारी दी। यह कार्रवाई अमेरिकी नौसैनिक पोतों को निशाना बनाकर किए गए कथित ईरानी मिसाइल हमलों के जवाब में की गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, कार्रवाई के दौरान टैंकरों के चालक दल को पहले जहाज खाली करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद पांचों जहाजों को निशाना बनाया गया।
एक सप्ताह में आठ ईरानी टैंकरों पर कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब हाल के दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इससे पहले शनिवार को भी अमेरिका ने तीन ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
इस तरह हालिया घटनाक्रम में अमेरिकी सेना द्वारा निशाना बनाए गए ईरानी टैंकरों की संख्या आठ तक पहुंच गई है।
अमेरिकी सेना ने बताई कार्रवाई की वजह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पिछले दो दिनों में एक अमेरिकी नौसैनिक पोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी।
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि युद्धपोत हमलों से बच गया और किसी अमेरिकी सैनिक के घायल होने की जानकारी नहीं है। इसके बाद ईरानी तेल ढुलाई से जुड़े जहाजों पर कार्रवाई की गई।
ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी सैन्य अधिकारी मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकरों पर हमले जारी रखे तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
इसी बीच ईरान की ओर से जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों की ओर मिसाइलें दागे जाने की भी खबर सामने आई है। जॉर्डन की सेना के मुताबिक उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में मिसाइलों को रोक दिया। किसी जनहानि की सूचना नहीं दी गई है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ रहा है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। संघर्ष बढ़ने की आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजार पर असर की आशंका
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में अगर यहां सैन्य टकराव और बढ़ता है या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है तो इसका असर कच्चे तेल की कीमतों, शिपिंग लागत और दुनिया के कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी है और क्षेत्रीय तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है।












