इंडियन ओवरसीज बैंक बेमेतरा में 14.50 करोड़ का घोटाला, मुख्य आरोपी तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार
बेमेतरा, 31 जुलाई 2026
थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा पुलिस टीम को बड़ी सफलता मिली है। इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा बेमेतरा में 14 करोड़ 56 लाख 09 हजार 693 रुपये के आपराधिक षड्यंत्र, बेईमानी तथा बैंकिंग दस्तावेजों में जालसाजी के मामले में फरार मुख्य आरोपी को तंजावुर, तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है।
*क्या है पूरा मामला*-
वर्ष 2022 में प्रार्थी रज्जू पाटनवार, शाखा प्रबंधक, इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा बेमेतरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि तत्कालीन बैंक प्रबंधक विनीत दास ने बैंक के नियमों का उल्लंघन करते हुए वित्तीय अनियमितता व अवैध रूप से खातों में धन राशि अंतरण कर बैंक के साथी आरोपी कमलेश सिन्हा, जोहन सिंह वर्मा, नागेश कुमार वर्मा एवं टीकाराम माथुर के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र कर बैंक को लगभग 145609693.01 रुपये (चौदह करोड़ छप्पन लाख नौ हजार छह सौ तिरानवे रुपये) का चूना लगाया।
क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने एवं परीक्षण करने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट धारा 420, 409, 120बी, 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण में विवेचना के दौरान पूर्व में आरोपी 01. कमलेश सिन्हा निवासी बेमेतरा, 02. जोहन सिन्हा निवासी केवातरा जिला बेमेतरा, 03. टीकाराम माथुर निवासी बिरमपुर थाना दाढ़ी जिला बेमेतरा, 04. नागेश वर्मा निवासी केवांदी जिला बेमेतरा को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी।
*बैंक की आंतरिक जांच में मिले 21 गंभीर अनियमितता*
बैंक की आंतरिक जांच रिपोर्ट के अनुसार आरोपी विनीत दास द्वारा प्रणालियों व प्रक्रियाओं का घोर उल्लंघन किया गया। कुल खाता धारक 180 TOTAL Rs. 16,01,84,785.00 में निम्न अनियमितताएं पाई गईं –
1. कई मामलों में यूनिट है ही नहीं या यूनिट बंद थे। 2. एलएलसी ऋण में बहुत उच्च राशि की स्वीकृति, जो मास्टर परिपत्र का उल्लंघन है। 3. ग्राहक के हस्ताक्षर बिना खाते के बीच अनाधिकृत हस्तांतरण और एसएचजी खाते में बिना जानकारी के नकदी निकास। 4. कुटीर कार्पेट मेकेनाइज्ड सावधि ऋण में डीलर के खाते में राशि का हस्तांतरण, लेकिन सम्पत्ति उपलब्ध नहीं। 5. फर्जी जीएसटी नंबर और सप्लायर का वेरिफिकेशन नहीं किया गया। 6. उधारकर्ता की पात्रता ठीक से नहीं जांची गई, केसीसी में अधिक वित्तपोषित किया गया। 7. शाखा ने केवल अनुकूलन के उद्देश्य से विभिन्न ऋणों की स्वीकृति की। 8. ऋण प्रक्रियाओं को बदला और चुराया गया। 9. ग्रेड के अनुसार शाखा प्रबंधक की विवेकाधीन शक्तियों का उल्लंघन। 10. केसीसी ऋण में अनुमोदित मूल्यांकक से मूल्यांकन रिपोर्ट और कानूनी राय नहीं ली गई, पैनल के अधिवक्ता से राय नहीं ली गई। 11. केसीसी ऋण भूमि दस्तावेज में उल्लिखित फसल पैटर्न के अनुसार स्वीकृत नहीं, जिससे अतिरिक्त वित्तपोषण हुआ। 12. मत्स्य विभाग को झूठा सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र जारी कर योगेंद्र साहू और दिलीप साहू को सात-सात लाख मत्स्य सावधि ऋण स्वीकृत बताया, लेकिन शाखा ने केसीसी में प्रत्येक को दस लाख रुपये मंजूर किए, यूनिट मौजूद नहीं। 13. मत्स्य ऋण सब्सिडी उपलब्ध होने के बावजूद केसीसी योजना के तहत ऋण दिया और सब्सिडी का दावा नहीं किया।
*मुख्य आरोपी झारखंड से तमिलनाडु भाग गया था*
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज IGP श्री अभिषेक शांडिल्य के सतत मॉनिटरिंग एवं पुलिस अधीक्षक SP श्री त्रिलोक बंसल के निर्देशन में एक टीम गठित की गई। थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक सोनल ग्वाला एवं स्टाफ को आरोपी पतासाजी में लगाया गया।
विवेचना के दौरान प्रकरण के आरोपी विनीत दास पिता सुप्रभात दास उम्र 40 वर्ष निवासी मकान नं. 162 अशोक नगर पी. डोरंडा थाना अरगोड़ा जिला रांची झारखंड, हाल पदस्थापना इंडियन ओवरसीज बैंक क्षेत्रीय कार्यालय तंजावुर तमिलनाडु को 29.07.2026 को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया गया।
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली बेमेतरा निरीक्षक सोनल ग्वाला, सउनि जितेन्द्र कश्यप, आरक्षक पुरन भोसम कुम्हार सहित समस्त पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।



