छत्तीसगढ़ में वीबी जीरामजी योजना लागू, ग्रामीण मजदूरों की दैनिक मजदूरी 261 से बढ़कर 300 रुपये
पहले ही दिन श्रमिकों को बड़ी सौगात, अब 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में वीबी जीरामजी योजना लागू होने के साथ ही ग्रामीण श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है। योजना के पहले ही दिन राज्य में अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। नई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है, जिससे मजदूरी में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
ग्रामीण श्रमिकों को मिलेगा सीधा लाभ
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के लिए नई मजदूरी दर निर्धारित की गई है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की आय बढ़ेगी और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
2 जुलाई को हुआ प्रदेश स्तरीय शुभारंभ
योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। वहीं छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया।
125 दिनों तक रोजगार की गारंटी
वीबी जीरामजी योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। इसके अलावा—
- 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान
- समय पर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता
- डिजिटल जॉब कार्ड की सुविधा
- तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली
- पारदर्शी एवं समयबद्ध भुगतान व्यवस्था
जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
ग्रामीण विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
योजना के तहत जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क निर्माण, वृक्षारोपण और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और आजीविका संवर्धन पर भी विशेष जोर रहेगा।
ग्रामसभा तय करेगी विकास कार्य
सरकार के अनुसार अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्रामसभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन कर ग्रामीण विकास को गति दी जा सके।



