कलेक्टर ने की योजनाओं की समीक्षा, 799 बिरहोर और पहाड़ी कोरवा परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की तैयारी
रायगढ़।
बैठक में बताया गया कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विकास के लिए बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा विकास प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया गया है। इसके अंतर्गत धरमजयगढ़ क्षेत्र के 56 गांवों के कुल 799 परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इनमें बिरहोर जनजाति के 243 परिवार और पहाड़ी कोरवा जनजाति के 556 परिवार शामिल हैं।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि पीवीटीजी परिवारों के लिए हाउसहोल्ड डाटा संग्रहण और पात्रता कार्ड सर्वेक्षण की तैयारी शुरू कर दी गई है। ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण दलों का प्रशिक्षण 15 और 16 जून को आयोजित होगा, जबकि 17 जून से 3 जुलाई तक मोबाइल एप के माध्यम से सर्वे किया जाएगा।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास, पेयजल, आजीविका और कौशल विकास जैसी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कृषि विभाग ने बताया कि जिले में किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। वर्तमान में विभिन्न भंडारण केंद्रों और समितियों में 15 हजार 624 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हैं।
अधिकारियों के अनुसार खरीफ सीजन के दौरान अब तक 7 हजार 582 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। उपलब्ध स्टॉक और वितरित उर्वरकों को मिलाकर जिले में कुल 23 हजार 206 मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता दर्ज की गई है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में किसी भी क्षेत्र में खाद की कमी की स्थिति नहीं बनने दी जाए। उन्होंने उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा किसानों को पारदर्शी और सुगम तरीके से खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।



