कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, रेत कारोबार की रंजिश में ली जान

जांजगीर-चांपा, 24 मई 2026। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कांग्रेस नेता सम्मेलाल कश्यप के बेटे आयुष कश्यप हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने रेत कारोबार, पैसों के विवाद और पुरानी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम देना कबूल किया है।


घर में घुसकर मारी थी गोली

23 अप्रैल की देर रात बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में तीन नकाबपोश बदमाश कांग्रेस नेता सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसे थे। बदमाशों ने घर में घुसते ही परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया और 19 वर्षीय आयुष कश्यप के सिर और सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया था।

वारदात के दौरान आरोपियों ने माता-पिता को कमरे में बंद कर दिया था और घटना के बाद नकदी व मोबाइल लेकर फरार हो गए थे।


गिरफ्तार आरोपी और बरामद हथियार

पुलिस ने मामले में हेमंत कुमार बघेल (23), भूषण बघेल (23) और अमित टंडन (28) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल, मैगजीन और बाइक बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी वारदात के बाद गुजरात भाग गए थे और वहां मजदूरी कर रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, जहां उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।


पिता की हत्या की भी थी साजिश

जांच में सामने आया है कि आरोपी भूषण बघेल ने वर्ष 2023 में आयुष के पिता सम्मेलाल कश्यप की हत्या के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी ली थी, लेकिन उस समय वारदात को अंजाम नहीं दिया जा सका था।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों को आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और रेत कारोबार में बढ़ते प्रभाव से जलन थी। इसी वजह से उन्होंने हत्या की साजिश रची।


सीसीटीवी तोड़कर घर में घुसे थे आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से पहले आरोपियों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया था। इसके बाद वे घर के अंदर घुसे और ताबड़तोड़ फायरिंग की।

बीच-बचाव करने पहुंचे छोटे भाई को भी गोली मारी गई थी। फिलहाल उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।


7 राज्यों तक चली पुलिस की जांच

मामले की जांच के लिए जांजगीर, कोरबा और बिलासपुर पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई थी। पुलिस ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत 7 राज्यों में दबिश दी।

जांच के दौरान 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और साइबर टीम लगातार तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी रही।


मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार

पुलिस का कहना है कि मामले का मुख्य मास्टरमाइंड और कुछ अन्य सहयोगी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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