कोरबा : मूसलाधार बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल; पसान में पुलिया बहने से पनगवां गांव का संपर्क कटा

कोरबा: जिले के पसान विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत पनगवां का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह टूट गया है। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते सरमा-पनगवां मार्ग पर स्थित बकाई नाले की अप्रोच पुलिया तेज बहाव में बह गई। यह पुलिया प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत महज डेढ़ साल पहले ही बनाई गई थी, जिसके बह जाने से अब इसके निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

निर्माण कार्य पर उठे गंभीर सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण के डेढ़ साल के भीतर ही पहली बड़ी बारिश में पुलिया का ढह जाना इसमें इस्तेमाल की गई घटिया सामग्री और तकनीकी खामियों की ओर स्पष्ट इशारा करता है। क्षेत्र में अक्टूबर-नवंबर तक पानी भरा रहने (डूबान) की समस्या रहती है, ऐसे में पुलिया का इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होना ग्रामीणों के लिए भविष्य के प्रति चिंता का विषय बन गया है।

जीवन के लिए संकटपूर्ण स्थिति

संपर्क टूटने से ग्रामीण कई मूलभूत समस्याओं के घेरे में आ गए हैं:

  • राशन की किल्लत: पीडीएस (PDS) का खाद्यान्न समय पर गांव तक नहीं पहुँच पाएगा, जिससे राशन संकट गहरा सकता है।
  • स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव: मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल तक पहुँचना अब चुनौतीपूर्ण हो गया है।
  • शैक्षणिक बाधा: स्कूली बच्चों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।

प्रशासन से ग्रामीणों की मांग

पनगवां के निवासियों ने जिला प्रशासन और PMGSY के जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. वैकल्पिक मार्ग: ग्रामीणों की आवाजाही के लिए तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जाए।
  2. उच्च-स्तरीय जांच: पुलिया निर्माण में बरती गई लापरवाही की तकनीकी जांच हो और दोषी निर्माण एजेंसी व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
  3. शीघ्र पुनर्निर्माण: उच्च गुणवत्ता के साथ पुलिया का पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया जाए ताकि ग्रामीणों को स्थायी राहत मिल सके।
    फिलहाल, ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे कितनी तत्परता के साथ सड़क संपर्क बहाल करने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुँचाने के लिए कदम उठाते हैं। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे बुनियादी ढांचे के निर्माण की निगरानी को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
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