गुमशुदगी की जांच में खुला हत्या का राज, दोस्तों ने महानदी किनारे रेत में दफनाया शव

रायपुर, 29 मई। गुमशुदगी की एक साधारण रिपोर्ट ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दिया। शराब पार्टी के दौरान हुई मौत को छिपाने के लिए दोस्तों ने शव को महानदी किनारे रेत में दफना दिया, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।

पत्नी की शिकायत से शुरू हुई जांच

मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के इंदिरा कॉलोनी निवासी भुनेश्वर यादव (38) 22 मई की रात अचानक लापता हो गए थे। उनकी पत्नी ईश्वरी यादव ने 23 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग

पुलिस ने जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और भुनेश्वर यादव के साथ आखिरी बार देखे गए लोगों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के सामने उनका झूठ ज्यादा देर तक नहीं टिक सका।

शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद

पूछताछ में नोहर दास रात्रे उर्फ गोलू रात्रे, अमित राजपूत और हेमचंद बंजारे उर्फ सोनू बंजारे ने बताया कि घटना की रात सभी लोग एक साथ शराब पी रहे थे। बाद में वे ब्रेजा कार से महासमुंद की ओर निकले। रास्ते में हुए विवाद के दौरान भुनेश्वर यादव ने नोहर रात्रे को थप्पड़ मार दिया।

इससे नाराज होकर तीनों आरोपियों ने मिलकर भुनेश्वर की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

महानदी किनारे रेत में दफनाया शव

हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उन्होंने नोहर रात्रे के मामा श्रवण जांगड़े की मदद से महानदी किनारे रेत में गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया, ताकि घटना का कोई सुराग न मिल सके।

निशानदेही पर बरामद हुआ शव

28 मई को आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने महानदी किनारे से शव बरामद किया। परिजनों ने शव की पहचान भुनेश्वर यादव के रूप में की।

हत्या का मामला दर्ज

घटना महासमुंद थाना क्षेत्र की होने के कारण वहां भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

तकनीकी जांच से खुला पूरा सच

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अपराधी चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, आधुनिक तकनीक और पुलिस जांच के सामने सच आखिरकार सामने आ ही जाता है।

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