घरघोड़ा में अवैध बोर खनन पर प्रशासन का कड़ा एक्शन: ग्राम रायकेरा में सुमित्रा बोरवेल की मशीन जब्त, जल संकट के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाने पर तहसीलदार की रेड
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम रायकेरा में प्रशासन ने अवैध बोर खनन (बोरवेल) करने वालों के खिलाफ एक बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई की है। भीषण गर्मी और लगातार गिरते भू-जल स्तर (Groundwater Level) के कारण जिले में नए बोरवेल खनन पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद चोरी-छिपे खनन में जुटी ‘सुमित्रा बोरवेल’
प्रतिबंध के बावजूद हो रहा था अवैध खनन, मुखबिर की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार
मिली जानकारी के अनुसार, घरघोड़ा तहसील का पूरा इलाका इस समय भीषण गर्मी और तीव्र जल संकट की चपेट में है। पर्यावरण और आम जनता के निस्तारी पानी को सुरक्षित रखने के लिए कलेक्टर के आदेशानुसार ग्रीष्मकाल में नए बोरवेल की खुदाई पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
इसके बावजूद कुछ रसूखदार लोग और बोरवेल संचालक नियमों को ताक पर रखकर भू-जल का अनियंत्रित दोहन करने में लगे हुए हैं। रविवार को घरघोड़ा तहसीलदार श्री मनोज कुमार गुप्ता को पुख्ता सूचना मिली कि ग्राम रायकेरा में प्रतिबंध अवधि के दौरान एक खेत में अवैध रूप से बोर खनन का काम धड़ल्ले से चल रहा है। सूचना मिलते ही तहसीलदार ने बिना वक्त गंवाए राजस्व अमले और पुलिस की एक विशेष टीम तैयार की और मौके के लिए रवाना हुए।
सुमित्रा बोरवेल की गाड़ी और उपकरण सील, वैधानिक कार्रवाई शुरू
तहसीलदार मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में जब प्रशासनिक टीम ने ग्राम रायकेरा में अचानक दबिश दी, तो वहां सुमित्रा बोरवेल की एक बड़ी कंप्रेसर और ड्रिलिंग मशीन जमीन को चीरकर बोर खोदती हुई पाई गई। अधिकारियों को देखते ही मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई।
प्रशासनिक टीम ने तत्काल काम को रुकवाया और वाहन चालक व ऑपरेटर से खनन से संबंधित आधिकारिक अनुमति पत्र (कलेक्टर या आरटीओ की एनओसी) की मांग की। कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाने पर, तहसीलदार ने सुमित्रा बोरवेल के वाहन और उसमें लगे तमाम कीमती उपकरणों को मौके पर ही पंचनामा तैयार कर जब्त (सील) कर लिया। मशीन को पुलिस अभिरक्षा में सौंपकर पर्यावरण संरक्षण और छत्तीसगढ़ भू-जल अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों ने किया कार्रवाई का स्वागत, प्रशासन ने दी अंतिम चेतावनी
घरघोड़ा क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों ने लंबे समय से चल रहे इस अवैध खेल पर हुई त्वरित कार्रवाई का दिल से स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध बोर खनन के कारण उनके गांवों के पारंपरिक कुएं, तालाब और पुराने हैंडपंप पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे मवेशियों और इंसानों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे अवैध बोरवेल संचालकों के खिलाफ पूरे ब्लॉक में सघन अभियान चलाया जाना चाहिए।
इस कार्रवाई के बाद तहसीलदार ने क्षेत्र के सभी बोरवेल संचालकों और जमीन मालिकों को एक बेहद सख्त संदेश और अंतिम चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ लहजे में कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में जल संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रतिबंध की अवधि में किसी भी सूरत में नए बोरवेल की खुदाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि भविष्य में भी किसी ने नियमों की अनदेखी करने या रात के अंधेरे में अवैध बोरिंग करने का प्रयास किया, तो भारी जुर्माने के साथ-साथ मशीन मालिक और जमीन मालिक दोनों के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



