छत्तीसगढ़: देश के शीर्ष पर्यटन राज्यों में शामिल होगा प्रदेश, अमित शाह ने जताया भरोसा

रायपुर। नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलने के बाद छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विश्वास जताया है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में अपनी जगह बनाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपात, घने जंगल, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।

बस्तर की पहचान बनेगी पर्यटन का बड़ा आधार

नवा रायपुर में मंगलवार को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने बस्तर सहित प्रदेश के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को प्रमुख आकर्षण बताया।

उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा जैसी विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा भी छत्तीसगढ़ को पर्यटन के नक्शे पर अलग पहचान दिला सकती है। इन स्थलों को देश और दुनिया के सामने बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

नक्सलवाद की बाधाएं हटने से खुलेंगे नए रास्ते

शाह के अनुसार, नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक प्रदेश के कई क्षेत्रों की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा पर्यटन की दृष्टि से सामने नहीं आ सकी। अब सुरक्षा और शांति का वातावरण बनने से उन इलाकों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि पर्यटन का विकास केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। होटल, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं से जुड़े कामों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

प्राकृतिक संपदा और संस्कृति को मिलेगी नई पहचान

छत्तीसगढ़ में जलप्रपातों, वन क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और जनजातीय परंपराओं की विविधता पर्यटन की बड़ी ताकत है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे प्राकृतिक स्थल, कांगेर घाटी की जैव विविधता तथा बस्तर की सांस्कृतिक विरासत प्रदेश को विशिष्ट पहचान देते हैं।

अमित शाह ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में इन संभावनाओं का बेहतर उपयोग होगा और छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा।

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