छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, कई जिलों में बारिश शुरू, अगले दो दिनों में और आगे बढ़ने के आसार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुप्रतीक्षित दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार प्रवेश कर लिया है। सामान्य तिथि की तुलना में करीब 10 दिन की देरी से पहुंचे मानसून ने प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अपनी सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। वर्तमान में मानसून सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा तक पहुंच चुका है तथा मौसम विभाग के अनुसार इसके जल्द ही बस्तर जिले में भी सक्रिय होने की संभावना है।
सोमवार दोपहर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के राज्य के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। यदि अगले एक-दो दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहती हैं तो मध्य छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में भी मानसून की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
हालांकि मानसून की दस्तक के बावजूद प्रदेश के मध्य भागों में गर्मी का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है, जिससे कुछ स्थानों पर हीट वेव जैसी स्थिति भी बन सकती है।
तापमान की बात करें तो प्रदेश में सोमवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।



