जगदलपुर: झीरम घाटी फैसले के बाद उमेश पटेल का बड़ा बयान, कहा- साजिश के पहलू पर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
NIA कोर्ट के फैसले का स्वागत, लेकिन राजनीतिक षड्यंत्र की जांच अधूरी होने का दावा
जगदलपुर। झीरम घाटी हमले के मामले में करीब 13 साल बाद आए NIA कोर्ट के फैसले के बाद अब मामले में आगे की कानूनी लड़ाई को लेकर हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि घटना के पीछे कथित साजिश के पहलू की जांच के लिए वे सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।
उमेश पटेल बोले- दोषियों पर आए फैसले का स्वागत
पूर्व मंत्री उमेश पटेल, जो झीरम हमले में मारे गए कांग्रेस नेता नंदकुमार पटेल के बेटे हैं, ने कहा कि NIA ने जिन लोगों को दोषी माना है, अदालत के उस फैसले का वे स्वागत करते हैं।
हालांकि उनका कहना है कि झीरम हमले के पीछे कथित साजिश के पहलू को लेकर उनकी मांग पहले से रही है। अब इसी मुद्दे को लेकर आगे न्यायिक लड़ाई जारी रखने की बात उन्होंने कही है।
साजिश की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
उमेश पटेल ने कहा कि झीरम मामले में केवल हमले में शामिल लोगों की पहचान और दोषसिद्धि तक मामला सीमित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार घटना के पीछे यदि कोई व्यापक साजिश थी तो उसके सभी पहलुओं की जांच भी सामने आनी चाहिए।
इसी मांग को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
प्रत्यक्षदर्शी विवेक बाजपेई ने जांच पर उठाए सवाल
झीरम हमले के प्रत्यक्षदर्शी विवेक बाजपेई उर्फ चिका ने भी अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने फैसले पर कुछ हद तक संतोष जताया, लेकिन जांच प्रक्रिया को लेकर असहमति जाहिर की।
उनका कहना है कि मामले में बड़ी संख्या में लोगों के आरोपी होने की बातें सामने आती रही हैं, जबकि अदालत के फैसले में 10 लोगों को दोषी ठहराया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पीड़ितों के बयान NIA ने दर्ज नहीं किए।
विवेक बाजपेई ने संकेत दिया कि फैसले से असंतुष्ट पक्ष हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।
घायल कांग्रेस नेता शिव सिंह ठाकुर ने भी जांच पर सवाल उठाए
झीरम हमले में घायल हुए कांग्रेस नेता शिव सिंह ठाकुर ने भी NIA की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उनका दावा है कि घटना के बाद से अब तक NIA ने उनसे पूछताछ नहीं की और उनका बयान दर्ज नहीं किया।
उन्होंने यह भी कहा कि झीरम मामले में नक्सली संगठन के बड़े नेताओं और कमांडरों के नाम सामने आते रहे हैं। ऐसे लोगों को भी जांच के दायरे में लाने और उनसे पूछताछ किए जाने की जरूरत है।
बृजमोहन अग्रवाल बोले- पूरा सच सामने आना चाहिए
झीरम मामले में आए फैसले पर भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि झीरम जैसी घटना ने पूरी एक पीढ़ी को प्रभावित किया है, इसलिए मामले का पूरा सच सामने आना जरूरी है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा कि यदि उनके पास कथित साजिश से जुड़े कोई ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसी और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
निचली अदालत के फैसले के बाद आगे की राह खुली
झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद अब संबंधित पक्षों के पास उच्च न्यायालय और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में जाने का विकल्प मौजूद है। ऐसे में उमेश पटेल के सुप्रीम कोर्ट जाने के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।












