जर्जर स्कूल भवन और बदहाल सड़क से परेशान गंजपुर के ग्रामीण, प्रशासन से लगाई गुहार

लैलूंगा। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंजपुर में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जर्जर विद्यालय भवन, खस्ताहाल सड़क और अन्य बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई एक ही विद्यालय भवन में संचालित की जा रही है। यह भवन वर्षों पुराना हो चुका है और वर्तमान में काफी जर्जर अवस्था में है। भवन की दीवारों और छत की स्थिति को देखते हुए बच्चों एवं शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर हमेशा खतरा बना रहता है।

एक ही भवन में पहली से 12 वीं तक की पढ़ाई

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की हालत खराब होने से पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित हो रहा है, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है।

सड़क की हालत बनी परेशानी का कारण

गांव तक पहुंचने वाली सड़क भी बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई परतें आवागमन को मुश्किल बना रही हैं। ग्रामीणों, विद्यार्थियों और मरीजों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे गांव का संपर्क प्रभावित होने लगता है और आवागमन लगभग ठप हो जाता है।

मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में शिक्षा, सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए अपेक्षित कार्य नहीं हुए हैं। कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।

नए स्कूल भवन और सड़क निर्माण की मांग

गंजपुर के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि गांव में नए विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाए तथा सड़क की मरम्मत एवं निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए। साथ ही पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए।

फिलहाल, ग्रामीण प्रशासन की ओर से ठोस पहल और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं, ताकि गंजपुर में बुनियादी सुविधाओं का विकास हो सके और लोगों को राहत मिल सके।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसका सबसे अधिक नुकसान गांव के विद्यार्थियों और आम नागरिकों को उठाना पड़ेगा।

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